सावन 2020: छह जुलाई से शुरू होगा मास, पांच सोमवार के साथ बन रहा ये खास योग

सावन के पहले दिन ही पहला सोमवार...

By: दीपेश तिवारी

Published: 16 Jun 2020, 11:56 AM IST

सावन 2020 में इस बार सोमवार का अद्भुत संयोग बन रहा है। छह जुलाई से हो रही सावन की शुरुआत के पहले दिन ही सोमवार है, वहीं इस बार सावन में पांच सोमवार पड़ेंगे। यह माह 06 जुलाई से शुरू होकर 03 अगस्त तक चलेग, वहीं सावन माह के आखिरी दिन यानि 03 अगस्त को भी सोमवार का दिन रहेगा। यानि इस बार सावन की शुरुआत सोमवार से होकर इसका समापन भी सोमवार को ही होगा।

पंडित सुनील शर्मा के अनुसार 06 जुलाई को सावन की शुरुआत सोमवार को होने के बाद दूसरा सोमवार 13, तीसरा 20, चौथा 27 व पांचवां सोमवार सावन के समापन के दिन 03 अगस्त को पड़ेगा। तीन अगस्त को यानि सावन के समापन के दिन ही पूर्णिमा के दिन रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया जाएगा।

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यानि इसी दिन बहनें अपने भाइयों की कलाईयों पर रक्षा सूत्र बांधेंगी। पंडित शर्मा के अनुसार सावन में बारिश होने का योग है। साथ की गृह प्रवेश आदि शुभ कार्य होंगे। वहीं ज्योतिष के अनुसार, श्रावण मास के प्रारंभ में सूर्य सिंह राशि में प्रवेश करता है। सूर्य का यह गोचर सभी 12 राशियों को प्रभावित करता है।

रक्षा बंधन 2020 का मुहूर्त...
राखी बांधने का मुहूर्त : 09:27:30 से 21:11:21 तक
अवधि : 11 घंटे 43 मिनट
रक्षा बंधन अपराह्न मुहूर्त : 13:45:16 से 16:23:16 तक
रक्षा बंधन प्रदोष मुहूर्त : 19:01:15 से 21:11:21 तक

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हरियाली अमावस्या 2020...
वहीं इसी दौरान 20 जुलाई, 2020 (सोमवार)को श्रावण अमावस्या 2020 भी पड़ेगी। हिन्दू पंचांग के अनुसार श्रावण मास में आने वाली अमावस्या को श्रावणी अमावस्या कहा जाता है, चूंकि इस मास से सावन महीने की शुरुआत होती है इसलिए इसे हरियाली अमावस्या भी कहते हैं। प्रत्येक अमावस्या की तरह श्रावणी अमावस्या पर भी पितरों की शांति के लिए पिंडदान और दान-धर्म करने का महत्व है।

श्रावण अमावस्या मुहूर्त :
जुलाई 20, 2020 को 00:11:42 से अमावस्या आरम्भ
जुलाई 20, 2020 को 23:04:10 पर अमावस्या समाप्त

श्रावण मास 2020 के सोमवार...
सोमवार, 06 जुलाई 2020 पहला सावन सोमवार व्रत
सोमवार, 13 जुलाई 2020 दूसरा सावन सोमवार व्रत
सोमवार, 20 जुलाई 2020 तीसरा सावन सोमवार व्रत
सोमवार, 27 जुलाई 2020 चौथा सावन सोमवार व्रत
सोमवार, 03 अगस्त 2020 पांचवां सावन सोमवार व्रत ( श्रावण मास का अंतिम दिन )

sawan month 2020 : 5 sawan somvar in this shrawan mass 2020

ऐसे समझें इस बार पड़ने वाले व्रतों की स्थिति
पं. शर्मा के अनुसार इस बार सावन में पांच सोमवार पड़ेंगे। जिसमें तीन सोमवार कृष्ण पक्ष व दो सोमवार शुक्ल पक्ष में होंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान यानि श्रावण माह में भगवान शिव की पूजा, महामृत्युंजय मंत्र जाप व अभिषेक आदि करने से प्राणी सभी प्रकार के बाधा व रोग से मुक्त हो जाते हैं।

श्रद्धालुओं की संख्या में आयेगी कमी
वहीं उज्जैन में महाकाल मंदिर से जुड़े लोगों के अनसार कोरोना संक्रमण के कारण इस बार सावन में श्रद्धालुओं की संख्या में काफी कमी आने की संभावना है। माना जा रहा है कि सावन पर यहां श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति मिल सकती है। इसके तहत मंदिर को सेनिटाइजर कराने के साथ श्रद्धालुओं को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही मंदिर में प्रवेश की अनुमति मिलेगी।

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ऐसे समझें सावन का व्रत...
भगवान शिव के प्रिय माह सावन में भक्तों के द्वारा तीन प्रकार के व्रत रखे जाते हैं:
: सावन सोमवार व्रत : श्रावण मास में सोमवार के दिन जो व्रत रखा जाता है उसे सावन सोमवार व्रत कहा जाता है। सोमवार का दिन भी भगवान शिव को समर्पित है।
: सोलह सोमवार व्रत : सावन को पवित्र माह माना जाता है। इसलिए सोलह सोमवार के व्रत प्रारंभ करने के लिए यह बेहद ही शुभ समय माना जाता है।
: प्रदोष व्रत : सावन में भगवान शिव और मां पार्वती का आशीर्वाद पाने के लिए प्रदोष व्रत प्रदोष काल तक रखा जाता है।

व्रत और पूजा विधि
: प्रातः सूर्योदय से पहले जागें और शौच आदि से निवृत्त होकर स्नान करें।
: पूजा स्थल को स्वच्छ कर वेदी स्थापित करें।
: शिव मंदिर में जाकर भगवान शिवलिंग को दूध चढ़ाएं।
: फिर पूरी श्रद्धा के साथ महादेव के व्रत का संकल्प लें।
: दिन में दो बार (सुबह और सायं) भगवान शिव की प्रार्थना करें।
: पूजा के लिए तिल के तैल का दीया जलाएं और भगवान शिव को पुष्प अर्पित करें।
: मंत्रोच्चार सहित शिव को सुपारी, पंच अमृत, नारियल व बेल की पत्तियां चढ़ाएं।
: व्रत के दौरान सावन व्रत कथा का पाठ अवश्य करें।
: पूजा समाप्त होते ही प्रसाद का वितरण करें।
: संध्याकाल में पूजा समाप्ति के बाद व्रत खोलें और सामान्य भोजन करें।

मंत्र :
सावन के दौरान 'नम: शिवाय ओम् नमः शिवाय ' का जाप करें।

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