
एक अप्रैल से 10 लाख छोटे व्यापारी हो जाएंगे टैक्स के दायरे से बाहर, इन दो योजनाओं से मिलेगा फायदा
नई दिल्ली। देश के छोटे व्यापारियों को एक अप्रैल से काफी राहत मिलने जा रही है। अंतरिम बजट में तत्कालिक वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने घोषणा की थी कि 40 लाख रुपए के सालाना टर्नओवर वाले व्यापारियों को रजिस्ट्रेशन कराने की जरुरत नहीं होगी। वहीं 1.5 करोड़ रुपए तक का कारोबार करने वाली इकाइयों को एक मुश्त कर की योजना की घोषणा की गई थी। जिनका नोटिफिकेशन सरकार ने जारी कर दिया है। यह दोनों एक अप्रैल से लागू हो जाएंगी। आपको बता दें कि इससे पहले पिछले हफ्ते जीएसटी पर मंत्रियों की एक समिति ने रजिस्ट्रेशन के लिए सालाना टर्नओवर की सीमा बढ़ाने पर सहमति जता दी थी।
10 लाख से ज्यादा व्यापारियों को होगा फायदा
जीएसटी में छूट की सीमा को 20 लाख रुपए से बढ़ाकर 40 लाख रुपए करने से लगभग 10 लाख छोटे व्यापारी टैक्स दायरे से बाहर हो सकते हैं। कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सरकार के इस फैसल से छोटे व्यापारियों को काफी राहत मिलेगी।
वित्त मंत्रालय ने जारी किया बयान
वित्त मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए कहा है कि वस्तुओं की आपूर्तिकर्ताओं के लिए जीएसटी के तहत पंजीकरण और भुगतान से छूट के लिए दो सीमा पहली 40 लाख और दूसरी सीमा 20 लाख रुपए है। राज्यों के पास एक सीमा अपनाने का विकल्प है। वहीं रजिस्ट्रेशन कराने की 20 लाख रुपए तथा विशेष श्रेणी वाले राज्यों के मामले में सीमा 10 लाख रुपए रखी गर्ठ है। वहीं जीएसटी एक मुश्त योजना के तहत अब 1.5 करोड़ रुपए के कारोबार वाले कारोबारी आएंगे जबकि अबतक यह सीमा 1 करोड़ थी। इसके तहत कारोबारियों को एक फीसदी कर देना होता है।
Published on:
09 Mar 2019 01:25 pm
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