Bank Fixed Deposits नहीं होते हैं सबसे सुरक्षित, जानें इसके नुकसान

  • bank fixed deposits के होते हैं अपने नुकसान
  • हमेशा नहीं होती पैसे की सुरक्षा की गारंटी
  • मैच्योरिटी से पहले तुड़वाने पर देना होती है पैनाल्टी

By: Pragati Bajpai

Published: 22 Jun 2020, 11:28 AM IST

नई दिल्ली: हमारे देश में bank fixed deposits को सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता है। यही कारण है कि बचत करने वाले लोग निवेश के नाम पर सबसे पहले fixed Deposits में पैसा लगाते हैं। दरअसल फिक्सड डिपॉजिट्स पर एक निश्चित ब्याज दर ( fixed deposit interest rate से मुनाफा कमाया जा सकता है और निवेश के वक्त ही आपको पता होता है कि मैच्योरिटी के बाद में आपको कितना पैसा मिलेगा।

अगर आप भी यही सब सोचकर एफडी में पैसा लगाते हैं तो आपको बता दें कि एफडी में कुछ नुकसान हो सकते हैं इसीलिए सिर्फ एफडी में पैसा लगाना सही नहीं है। अगर आप सोच रहे हैं कि हम आपको एफडी पर कम हो चुकी है ब्याज दर ( interest rate on fd ) के बारे में बताना चाहते हैं तो नहीं हम आपको Bank fd के कुछ ऐसे खतरों के बारे में आपको आगाह करना चाहते हैं जिन्हें जानना आपके लिए बेहद जरूरी है।

रोजमर्रा की जरूरी चीजों के अलावा शराब की डिलीवरी भी करेगी अमेजन, जानें कब से होगी शुरूआत

  • अगर आपको लगता है कि बैंक एफडी में लगाया पैसा हमेशा सुरक्षित रहेगा तो आपको बता दें कि अगर बैंक दिवालिया हो जाए तो ऐसी सूरत में डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) के तहत बैंक डिफॉल्ट (Bank Default) के ऊपर आपका सिर्फ 5 लाख तक का अमाउंट दने की जिम्मेदारी होती है। यानि एक ही बैंक में सारा पैसा लगाना समझदारी नहीं होती कयोंकि आप 2 करोड़ की भी एफ डी ( fixed deposit ) कराएंगे तो ऐसे हालात में आपके 5 लाख रूपए की ही गारंटी होती है।
  • ये सच है कि कभी भी अचानक से जरूरत पड़न पर आप बैंक एफडी तुड़वाकर अपनी जरूरत पूरी कर सकते हैं लेकिन, मैच्योरिटी से पहले एफडी तुड़वाने पर पेनाल्टी भी देनी होती है।
  • एफडी पर 5 साल की लॉक-इन पीरियड भी होता है. कई बार बैंक एफडी पर लंबे समय तक कम रिटर्न के साथ लॉक-इन पीरियड होता है।
  • गिरते ब्याज दर ( interest rate ) के माहौल में जल्द मैच्योर होने वाले एफडी क्युमुलेटिव ऑप्शन के अंतर्गत आते हैं। इसका मतलब है कि मैच्योरिटी के समय पर देय ब्याज का रिइन्वेस्ट किया जाए। इससे कई बार निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ता है।
Show More
Pragati Bajpai
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned