रिजर्व बैंक का बड़ा ऐलान, डीबीएस बैंक इंडिया में होगा लक्ष्मी विलास बैंक का विलय

  • फाइनेंशियल क्राइसिस से जूझ रहे एलवीबी को डीबीएस इंडिया में विलय करने का प्रस्ताव
  • आरबीआई ने लक्ष्मी विलास बैंक को 30 दिन के मोरेटोरियम के अंतर्गत रखने के बाद लिया निर्णय

By: Saurabh Sharma

Updated: 18 Nov 2020, 09:26 AM IST

नई दिल्ली। वित्तीय संकट से जूझ रहे एक और सहकारी बैंक के डूबने की खबरें सामने आई हैं। इत्तेफाक यह है कि इस बार भी यह मामला महाराष्ट्र राज्य का है। जी हां, बात लक्ष्मी विलास बैंक की हो रही है। इस मामले में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से अहम फैसले ले लिए गए हैं। ताकि बैंक के कस्टमर्स को निकट भविष्य में किसी तरह की परेशानी का सामना ना करना पड़े। जिसमें बैंक को मोराटोरियम पीरियड में रखने के अलावा उसके किसर दूसरे बैंक में विलय का प्रोसेस भी शामिल है। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर आरबीआई की ओर से लक्ष्मी विलास बैंक के बारे में क्या सोचा है?

डीबीएस इंडिया में होगा विलय
रिजर्व बैंक की ओर से लक्ष्मी विलास बैैंक का डीबीएस बैंक इंडिया लिमिटेड में विलय का प्रस्ताव रखा। डीबीएस बैंक इंडिया लिमिटेड सिंगापुर की डीबीएस बैंक लिमिटेड की पूर्व स्वामित्व वाली अनुषंगी है। आरबीआई ने लक्ष्मी विलास बैंक को 30 दिन के मोरेटोरियम के अंतर्गत रखने के बाद यह प्रस्ताव रखा है। केंद्रीय बैंक ने बैंक की वित्तीय स्थिति के बुरी तरह बिगडऩे का हवाला देते हुए बैंक के बोर्ड को अपने नियंत्रण में लेने का निर्णय किया है।

2500 करोड़ रुपए का इंवेस्टमेंट
वहीं दूसरी डीबीएस ने मर्जर के बाद बनने वाले बैंक में 2500 रुपए डालने के बारे में विचार कर रही है। यह रुपया बैंक के मोराटोरियम पीरियड खत्म होने के बाद डाला जाएगा। सिंगापुर बेस्ड बैंक द्वारा इस कदम से लक्ष्मी विलास बैंक के काफी संकट खत्म हो जाएंगे। आपको बता दें कि यस बैंक का भले की स्टेट बैंक आफ इंडिया में विलय ना हुआ हो, लेकिन देश के सबसे बैंक ने यस बैंक को बचाने का काफी प्रयास किया है।

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टीएन मनोहरन को बैंक का प्रशासक नियुक्त
इसके साथ ही केनरा बैंक के पूर्व गैर-कार्यकारी अध्यक्ष (नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन) टीएन मनोहरन को बैंक का प्रशासक नियुक्त किया गया है। आरबीआई के अनुसार, डीबीएस बैंक सिंगापुर एशिया के प्रमुख वित्तीय सेवा समूह डीबीएस ग्रुप होल्डिंग्स लिमिटेड की सहायक कंपनी है और इस तरह यह एक मजबूत पैतृक लाभ है।

रिजर्व बैंक का बयान
एक बयान में देश के शीर्ष बैंक ने कहा कि डीबीएस बैंक इंडिया के पास एक मजबूत बैलेंस शीट है, जिसमें मजबूत पूंजी समर्थन है। 31 मार्च को 7,023 करोड़ रुपये की पूंजी के मुकाबले 30 जून को इसकी कुल विनियामक पूंजी 7,109 करोड़ रुपये थी। लक्ष्मी विलास बैंक लिमिटेड को 17 नवंबर को मोरेटोरियम के अंतर्गत रखा गया है, जो 16 दिसंबर तक प्रभावी रहेगा।

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