31 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

आरबीआई के फंड ट्रांसफर पर फिर होगी समिति की बैठक: जालान

एससी गर्ग के जाने से समिति में खाली हो गया है एक स्थान मेंबर के पद को भरने के लिए आरबीआई और सरकार लेगी फैसला
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

•

image

Saurabh Sharma

•

Updated: 30 Jul 2019, 8:12 AM IST

Bimal Jalan

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक का अधिशेष व मुनाफा सरकार को हस्तांतरित ( fund transfer ) किए जाने के मसले पर केंद्रीय बैंक आरबीआई ( rbi ) के पूर्व गवर्नर बिमल जालान ( Bimal Jalan ) की अध्यक्षता वाली समिति फिर बैठक कर अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देगी। समिति में वित्त मंत्रालय ( finance ministry ) से मनोनीत सदस्य पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ( Subhash chandra Garg ) का तबादला दूसरे मंत्रालय में हो गया है, जिससे समिति में उनका स्थान रिक्त हो गया है।

यह भी पढ़ेंः-ब्रांडेड दालों पर जीएसटी हटाने की मांग, उद्योग को हो रहा है परेशान

समिति के अध्यक्ष बिमल जालान ने बताया, "आरबीआई फैसला करेगा कि सही मायने में क्या किया जाना चाहिए। लिहाजा, मैं इस वक्त कोई टिप्पणी नहीं कर सकता हूं। आरबीआई और सरकार द्वारा इस खालीपन को भरने पर फैसला किया जाएगा।" उन्होंने कहा, "मैं उसमें शामिल नहीं हूं।" उनसे जब पूछा गया कि क्या समिति की बैठक फिर होगी तो उन्होंने कहा, "प्रबल संभावना है।"

यह भी पढ़ेंः-ऑटो सेक्टर में हाहाकार: देश की सबसे बड़ी कंपनी मारुति को दो महीने में हुआ इतने हजार करोड़ का नुकसान

अभी तक जो स्थिति है, उसमें पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग का तदाबला विद्युत मंत्रालय में होने के बाद समिति की दोबारा बैठक हो सकती है। हालांकि इस बात की अभी पुष्टि नहीं की जा सकती है। यह सुनिश्चित नहीं हो सका है कि पिछली बैठक में जो तय हुआ था, उसी की रिपोर्ट पर सरकार के नए मनोनीत सदस्य का हस्ताक्षर करा लिया जाएगा, या वित्त मंत्रालय से मनोनीत किए जाने वाले नए सदस्य के साथ उसी मुद्दे पर फिर से विचार-विमर्श किया जाएगा। वित्त मंत्रालय में गर्ग की जगह अतनू चक्रवर्ती आर्थिक मामलों के सचिव बने हैं।

यह भी पढ़ेंः-पेप्सीको उत्तर प्रदेश स्नैक्स प्लांट पर 514 करोड़ रुपए करेगी निवेश

सरकार ने अभी तक नए वित्त सचिव के नाम की घोषणा नहीं की है, जबकि वित्त मंत्रालय में बैंकिंग सचिव राजीव कुमार सबसे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं। आरबीआई की आर्थिक पूंजी रूपरेखा पर बिमल जालान समिति विचार-विमर्श पूरा करने के बाद अपनी रिपोर्ट सौंपने वाली थी, लेकिन समिति को गर्ग का तबादला होने के बाद मनोनीत सदस्य बदलने पर सरकार के फैसले का इंतजार करना होगा।

यह भी पढ़ेंः-आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी और आम्रपाली ने मिलकर की फंड की हेराफेरी

गर्ग छह सदस्यीय इस समिति में शामिल थे, और वह अकेले ऐसे सदस्य थे, जिन्होंने समिति के फैसले का विरोध करते हुए उस पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया था और अपनी असंतुष्टि की एक टिप्पणी दी थी। हालांकि समिति ने असंतुष्टि संबंधी टिप्पणी को शामिल कर रिपोर्ट को मंजूरी देने का फैसला किया। विद्युत सचिव का कार्यभार संभालने के बाद गर्ग ने कहा कि उन्होंने रिपोर्ट पर इसलिए हस्ताक्षर नहीं किया, क्योंकि उसे अंतिम रूप नहीं दिया गया था।

यह भी पढ़ेंः-माल्या के करीबी के ठिकानों पर ईडी का छापा, मिले कई अहम सुराग

आरबीआई के केंद्रीय बोर्ड की बैठक 16 अगस्त को होगी। पिछली बार समिति की बैठक 18 जुलाई को हुई थी, जिसमें आरबीआई द्वारा सरकार को किए जाने वाले हस्तांतरण की राशि पर फैसला किया गया था। तय राशि का हस्तांतरण एक बार में न कर के तीन से पांच साल की अवधि के दौरान किए जाने पर सहमति बनी थी, जिसका गर्ग ने विरोध किया था।

Business जगत से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter पर और पाएं बाजार, फाइनेंस, इंडस्‍ट्री, अर्थव्‍यवस्‍था, कॉर्पोरेट, म्‍युचुअल फंड के हर अपडेट के लिए Download करें patrika Hindi News App.