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इस इकोनाॅमिस्ट ने अपने बनाए फाॅर्मूले से जीतीं 14 बार लाॅटरी, अमरीका में लगा प्रतिबंध

स इकोनाॅमिस्ट का नाम है स्टीफन मेंडल। स्टीफन रोमानिया के रहने वाले थे, उन्होंने लाॅटरी जीतने के लिए मैथमेटिकल थ्योरी पर एक एल्गोरिद्म फाॅर्मूला बनाया। जिसका उन्होंने नाम कॉम्बिनेशनल कंडेंसेशन रखा।

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Saurabh Sharma

Aug 31, 2018

Stephen

इस इकोनाॅमिस्ट ने अपने बनाए फाॅर्मूले से जीतीं 14 बार लाॅटरी, अमरीका में लगा प्रतिबंध

नर्इ दिल्ली। दुनिया के कर्इ देशों में लाॅटरी को जुआ नहीं है। यह पेशा एक तरह से लीगल है। जिसमें निवेश करने से लोग खूब रुपया कमाते हैं। आज हम आपको एेसे ही एक इकोनाेमिस्ट मिलवा रहे हैं जिसने लाॅटरी जीतने के एक मैथमेटिकल फाॅर्मूला तैयार किया आैर दुनिया के कर्इ देशों में 14 बार लाॅटरी जीतीं। वो यहीं तक नहीं रुके। उन्होंने एक कंपनी खड़ी की। कर्इ लोगों ने इसमें निवेश भी किया। अब अमरीका में इस फाॅर्मूले पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। अब सवाल ये है कि आखिर यह इकोनाॅमिस्ट है कौन जिसने दुनिया में 14 बार लाॅटरी जीतकर तहलका ता दिया। आइए आपको भी बताते हैं…

इस इकाेनाॅमिस्ट ने बनाया नायाब फाॅर्मूला
इस इकोनाॅमिस्ट का नाम है स्टीफन मेंडल। स्टीफन रोमानिया के रहने वाले थे। उन्होंने लाॅटरी जीतने के लिए मैथमेटिकल थ्योरी पर एक एल्गोरिद्म फाॅर्मूला बनाया। जिसका उन्होंने नाम कॉम्बिनेशनल कंडेंसेशन रखा। उन्होंने अपने 58 साल के करियर में रोमानिया,ऑस्ट्रेलिया, इजरायल, ब्रिटेन और अमरीका में लॉटरी जीती। उनकी इस कामयाबी से वो दुनिया के तमाम देशों में काफी लोकप्रिय हो गए। कर्इ लोगों ने उन्हें साथ में लाॅटरी में रुपया लगाने का आॅफर किया। जिसके बाद उन्होंने एक कंपनी की शुरूआत की आैर कर्इ लोगों ने उसमें निवेश भीइस क्षेत्र में मिली कामयाबी से वे लोकप्रिय भी हुए। कुछ लोगों ने उनके साथ लॉटरी में पैसा निवेश किया।

कुछ एेसा किया था साॅफ्टवेयर तैयार
रोमानिया के स्टीफन ने लॉटरी का नंबर निकालने के लिए एक एेसा सॉफ्टवेयर किया था, जिससे वो जीतने वाला नंबर निकालने में तैयार हो जाते थे। इस नंबर को निकालने के लिए 30 ज्यादा कंप्यूटर सिस्टम का उपयोग करते थे। जिसके लिए उन्होंने अपने अंडर में 16 कर्मचारियों को सहायक के तौर पर नौकरी पर भी रखा था। उनकी कंपनी का नाम पैसिफिक फाइनेंशियल रिसोर्सेस था। स्टीफन के अनुसार फॉर्मूले की मदद से कंपनी के निवेशकों से रुपए लेकर लाॅटरी खरीद लेते थे। लॉटरी जीतने पर उन्हें 15 हजार पौंड करीब 14 लाख रुपए कमाते थे। सभी खर्चों को निकालकर उनके पास उन्हें एक बार में 3 लाख रुपए की होती थी।

इस देश में नहीं हो पाए कामयाब
एेसा नहीं है कि उनके फाॅर्मूले ने उन्हें हर बार कामयाबी ही दिलार्इ। कर्इ बार उनकी किस्मत आैर साॅफ्टवेयर ने साथ नहीं दिया। जहां वो अमरीका, ब्रिटेन, रोमानिया, इजरायल अौर आॅस्ट्रेलिया में बेहद कामयाब हुए। वहीं दूसरी यूरोप के जिब्राल्टर देश में वो कामयाब नहीं हो सके। जब नाकामयाबी दामन पकडती है तो काफी लंबे समय तक साथ देती है। उसके बाद उन्हें इजरायल में एक निवेश घोटाले के तहत 20 सालों तक जेल में भी काटने पड़े। इतना ही अमरीका ने अब इस फाॅर्मूले पर प्रतिबंध तक लगा दिया है।