6 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

31 मई तक फाइल करें टीडीएस स्टेटमेंट, नहीं तो लग सकता है 200 रुपए रोज का जुर्माना

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की तारीख नजदीक आ गई है। सभी नौकरीपेशा लोगों को 31 मई 2018 तक अपनी टीडीएस कटौती की स्टेटमेंट फाइल करनी है।

2 min read
Google source verification
TDS Deduction

31 मई तक फाइल करें टीडीएस स्टेटमेंट, नहीं तो लग सकता है 200 रुपए रोज का जुर्माना

नई दिल्ली। यदि आप नौकरीपेशा हैं तो यह खबर आपको लिए ही है। इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की तारीख नजदीक आ गई है। सभी नौकरीपेशा लोगों को 31 मई 2018 तक अपनी टीडीएस कटौती की स्टेटमेंट फाइल करनी है। एेसे में आयकर विभाग ने टीडीएस कटौतीकर्ताओं के लिए कुछ हिदायतें जारी की हैं। यदि अंतिम तारीख तक टीडीएस कटौती स्टेटमेंट फाइल नहीं की जाती है तो 200 रुपए का जुर्माना लग सकता है। एेसे में यदि आप आयकर के दायरे में आते हैं तो 15 जून तक अपने नियोक्ता से फॉर्म 16 या 16ए मांग लें। यदि नियोक्ता टीडीएस सर्टिफिकेट देने में देरी करता है तो उस पर 100 रुपए रोज के हिसाब से जुर्माना लगेगा।

यहां से डाउनलोड करें टीडीएस प्रमाणपत्र

आयकर विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार फार्म 16 या 16-A में 7 अंकों की टीडीएस प्रमाणपत्र संख्या होती है। इस संख्या की मदद से टीडीएस प्रमाणपत्र www.tdspc.gov.in से डाउनलोड किया जा सकता है। विभाग के निर्देशों के अनुसार ट्रेसिस पोर्टल से डाउनलोड किया गया टीडीएस प्रमाणपक्ष ही मान्य होगा। विभाग ने कहा है कि टीडीएस रिटर्न की इ-फाइलिंग के समय गलत पैन नंबर लिखने पर ट्रेसिस पोर्टल से टीडीएस प्रमाणपत्र डाउनलोड नहीं होगा। इसके अलावा बिना पैन वाले अनिवासी टीडीएस प्रमाणपत्र की जगह टीबीआर डाउनलोड कर सकते हैं।

नियोक्ताओं के लिए ये दिशा-निर्देश

आयकर विभाग की ओर से नियोक्ताओं के लिए भी कुछ जरुरी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। आयकर विभाग के अनुसार नियोक्ता सैलरी वालों के लिए फॉर्म 16 और अन्य के लिए फॉर्म 16A को 15 जून से पगले जारी कर दें। यदि नियोक्ता एेसा नहीं करते हैं तो उन पर 100 रुपए रोजाना के हिसाब से जुर्माना लग सकता है। आयकर विभाग ने कहा है कि जो कटौतीकर्ता टैक्स की कटौती कर चुके हैं वो इसे तुरंत जमा कर दें। इसके लिए कटौतीकर्ताओं को www.tdscpc.gov.in पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। नियोक्ता टीडीएस विवरणी में टैन या पैन का जि‍क्र जरूर करें। एेसा न करने पर पेनल्टी लगाई जा सकती है। आयकर विभाग ने कहा है कि टैक्स भुगतान करते समय चूक से बचने के लिए चालान के सही सिन (CIN) लिखें।