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इस्लामिक बैंकिंग के नाम पर ठगे करोड़ों रुपए, 144 गुना अधिक रकम चुकाने का लालच देकर करते थे ठगी

प्रवर्तन निदेशालय (र्इडी) ने गुरुवार को एक फर्जी मार्केटिंग फर्म का भंडाफोड़ किया। ये फर्म 'इस्लामिक बैकिंग' के नाम पर पूंजी स्कीम के तहत ठगी करती थी।
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इस्लामिक बैंकिंग के नाम पर लोगों से ठगे करोड़ों रुपए, 144 गुना अधिक रकम चुकाने का लालच देकर करते थे ठगी

नर्इ दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (र्इडी) ने गुरुवार को एक फर्जी मार्केटिंग फर्म का भंडाफोड़ किया। ये फर्म 'इस्लामिक बैकिंग' के नाम पर पूंजी स्कीम के तहत ठगी करती थी। यह कंपनी लोगों से पूंजी स्कीम के तहत उंचे ब्याज दर का लालच देकर मोटी रकम वसूलती थी। र्इडी की तरफ से जारी बयान में कहा गया है, "जांच में पता चला है कि एंबिडेंट मार्केटिंग लिमिटेड नाम की एक फर्म पूंजी स्कीम के आॅपरेशन से सैकड़ों निवेशकों से इस्लामिक बैंकिंग के नाम पर पैसे ठगती थी। ये कंपनी इसे 'हलाल' इन्वेस्टमेंट कहती थी।"


पूंजी स्कीम के तहत कैसे ठगते थे पैसे

दिसंबर 2016 में शुरू की गर्इ इस कंपनी ने करीब 954 करोड़ रुपए का इकट्ठा कर चुकी है। र्इडी के मुताबिक, "हमने भारतीय रिजर्व बैंक को इसके बारे में जानकारी दे दी है ताकि वो इस पूंजी स्कीम के बारे में जांच कर सके आैर निवेशकों को हितों का बचाव कर सके।" बता दें कि पूंजी स्कीम के तहत, एक निवेश कंपनी लोगों से फ्राॅड करके पैसे वसूलती है। कंपनी उन्हें उंचे ब्याज दर का लालच देती है लेकिन वो इस पैसे का इस्तेमाल पहले के निवेशकों से लिए गए पैसे का ब्याज चुकाने पर खर्च करती है। इस स्कीम के तहम कंपनी लोगों काे भरोसा दिलाती है कि यदि वो कंपनी को पैसे देते हैं तो उन्हें कंपनी के मुनाफे की वजह से अधिक ब्याज मिलेगा।


144 फीसदी प्रति साल ब्याज का देती थी लालच

र्इडी की तरफ से जांच में खुलासा हुआ है कि यह कंपनी 'हलाल' के नाम पर ग्राहकों से उनके निवेश पर 12 फीसदी प्रति माह की ब्याज दर देने का लालच देती थी। इस हिसाब से वार्षिक तौर पर देखें तो यह कंपनी लोगों को उनके पैसे पर एक साल में 144 फीसदी का ब्याज देने का लालच देती थी। बयान में कहा गया, "इसके लिए कंपनी ने लोगों से इलेक्ट्राॅनिक माध्यम, चेक व नकदी में पैसे वसूलती थी लेकिन वो न तो आरबीआर्इ आैर न ही बाजार नियामक सेबी के अंतर्गत रजिस्टर्ड थी।"


फेमा के नियमों का भी उल्लंघन

4 आैर 5 जनवरी 2018 में एक जांच से पता चला था कि कपंनी ने फाॅरेन ट्रेडिंग को लेकर फाॅरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (फेमा) के नियमों को उल्लंघन किया है। ये जांच 11 नवंबर को आयकर विभाग के एक लेटर के आधार पर हुआ । इस दौरान कुल 1.97 करोड़ रुपए का नकदी बरामद हुआ था। ये बरामदी कंपनी के मालिक सर्इ फरीद अहमद आैर उसके बेटे सर्इद अफाक अहमद के घर से फेमा अधिनियम 13(2) के तहत हुआ था।

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