Fixed Deposit से 6 गुना ज्यादा मुनाफा कमाना है तो Gold ETF में करें निवेश

  • गोल्ड से जुड़ी ईटीएफ ( Gold ETF ) स्कीम में पैसा लगाने वालों को 40 फीसदी तक के रिटर्न मिले हैं
  • Fixed Deposit पर नाम मात्र का मिल रहा है ब्याज ( Interest Rate On FD )

By: Pragati Bajpai

Published: 24 Jul 2020, 11:16 AM IST

नई दिल्ली: सोने की कीमते ( gold rates ) लगातार बढ़ती जा रही है जबकि अगर आप बैंकों पर नजर डालें तो सेविंग अकाउंट से लेकर फिक्स्ड डिपॉजिट ( fixed deposits ) तक पर मिलने वाला ब्याज दर ( interest rate on fd ) 5 फीसदी तक रह गया है। तो दूसरी तरफ पहली बार 10 ग्राम सोने के दाम 51 हजार रुपये के पार पहुंच गए है। अगर मुनाफे पर नजर डाले तो आपको पता चलेगा कि गोल्ड से जुड़ी ईटीएफ (Gold ETF) स्कीम में पैसा लगाने वालों को 40 फीसदी तक के रिटर्न मिले हैं। अभी भी कोरोना वायरस की वजह से एक्सपर्ट्स सोने की कीमतों में इजाफा होने की बात कह रहे हैं ऐसे में अगर आप सुरक्षित तरीके से मोटी कमाई करना चाहते हैं और अपने लिए निवेश के ऑप्शन्स ( Investent Options ) की तलाश कर रहे हैं तो Gold ETF आपके लिए बेस्ट हो सकते हैं

अगर आपने अभी तक गोल्ड ईटीएफ के बारे में नहीं सुना है तो आज हम आपको पेपर गोल्ड की पूरी एबीसीडी बताएंगे ताकि आप भी इसमें इनवेस्ट कर ज्यादा पैसा कमा सकें।

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Gold ETF- सोने को शेयरों की तरह खरीदने को गोल्ड ईटीएफ ( Gold ETF ) या पेपर गोल्ड कहा जाता है। यह वास्तव में एक म्यूचुअल फंड स्कीम ( Mutual Fund ) है। सोने को यूनिट में खरीदने के बाद जब भी आप इसको बेचते हैं तो इसे बेचने पर आपको सोना नहीं बल्कि उस समय के बाजार मूल्य के बराबर पैसा मिलता है। सस्ता निवेश होने के कारण लोग इसे बेहद पसंद करते हैं और इसकी पॉपुलैरिटी का कारण भी यही है।

ईटीएफ में इंवेस्ट करने के लिए डीमैट अकाउंट जरूरी होता है। इन्हें शेयरों की तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के कैश मार्केट में खरीदा-बेचा जा सकता है। इसमें कोई न्यूनतम लॉट साइज नहीं होता है। गोल्ड ईटीएफ की एक यूनिट एक ग्राम सोने के बराबर होती है। निवेशक इसकी यूनिट्स को एकमुश्त या फिर सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के जरिये थोड़ा-थोड़ा भुगतान कर खरीद सकते हैं।

Gold ETF के फायदे-

  • खरीदने में आसान होता है।
  • सोने की 99.5% शुद्धता की गारंटी होती है।
  • 8 से 30 फीसदी मेकिंग चार्जेज की तुलना में इसपर आपको 0.5 फीसदी ब्रोकरेज और पोर्टफोलियो मैनेज करने के लिए सालाना 1% चार्ज देना पड़ता है। यानि आप इसमें ज्यादा बचाते हैं।
  • आप कभी भी इसे बेच सकते हैं और उस समय चल रही सोने की कीमत ( Gold Rate ) आपको मिल जाती है।
  • सिक्योरिटी का इश्यू नहीं होता है। यानि इसके चोरी होने का डर नहीं होता है बल्कि आजकल तो बैंक लॉकर्स भी सुरक्षित नहीं हैं।
  • धोखेबाजी का चांस नहीं होता है क्योंकि सभी लंदन बुलियन मार्केट के स्टैंडर्ड को फॉलो करते हैं।
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