
Bank अपने ग्राहकों को Special FD Schemes ऑफर कर रहे हैं। (PC:AI)
Best FD Scheme: देश के बड़े सरकारी और निजी बैंक इन दिनों अपने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए स्पेशल फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी स्कीम्स लाए हैं। इन स्कीम्स में 400, 444, 555 और 700 दिन जैसी खास अवधि पर सामान्य एफडी से 10 से 50 बेसिस पॉइंट यानी कि नियमित दर के मुकाबले 0.10 से 0.50 फीसदी अधिक रिटर्न मिलता है। सीनियर सिटीजन को तो कुछ स्कीम्स में 7.35 फीसदी तक का रिटर्न मिल रहा है।
स्पेशल एफडी एक ऐसी टर्म डिपॉजिट स्कीम होती है, जिसे बैंक एक तय अवधि और उद्देश्य के साथ लॉन्च करते हैं। इसमें ब्याज दरें सामान्य एफडी से बेहतर होती हैं। ज्यादातर बैंक सीनियर सिटीजन और 80 साल से ऊपर के सुपर सीनियर सिटीजन को अतिरिक्त ब्याज का लाभ भी देते हैं। हालांकि, समय से पहले पैसा निकालने पर पेनल्टी लग सकती है।
| बैंक/स्कीम | अवधि | न्यूनतम जमा | अधिकतम जमा | ब्याज दर (सामान्य नागरिक) | ब्याज दर (सीनियर सिटीजन) | ब्याज दर (सुपर सीनियर सिटीजन) |
|---|---|---|---|---|---|---|
| SBI अमृत वृष्टि | 444 दिन | ₹1,000 | ₹3 करोड़ | 6.45% | 6.95% | 7.05% |
| इंडियन बैंक IND Secure | 444 दिन | ₹1,000 | ₹3 करोड़ से कम | 6.60% | 7.10% | 7.35% |
| बैंक ऑफ बड़ौदा स्क्वायर ड्राइव (कॉलेबल) | 444 दिन | - | ₹3 करोड़ | 6.45% | 6.95% | 7.05% |
| बैंक ऑफ़ बड़ौदा स्क्वायर ड्राइव (नॉन-कॉलेबल) | 444 दिन | - | ₹3 करोड़ | 6.50% | 7.00% | 7.10% |
| IDBI स्पेशल FD | 555 दिन | - | - | 6.40% | 6.90% | 7.05% |
| IDBI स्पेशल FD | 700 दिन | - | - | 6.45% | 6.95% | 7.10% |
अब बैंक ग्रीन फिक्स्ड डिपॉजिट भी ऑफर कर रहे हैं। इनमें जमा पैसे को पर्यावरण के अनुकूल यानी ग्रीन प्रोजेक्ट्स में लगाया जाता है। SBI की ग्रीन रुपी टर्म डिपॉजिट 1,111, 1,777 और 2,222 दिनों के लिए उपलब्ध है। बैंक ऑफ इंडिया की हरित जमा योजना 999 दिनों की है। IDBI की वसुंधरा ग्रीन डिपॉजिट 1,111 दिनों की अवधि पर सामान्य नागरिकों को 6.35 फीसदी और सीनियर सिटीजन को 6.85 फीसदी ब्याज देती है। इसके अलावा बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक की भी अपनी ग्रीन डिपॉजिट स्कीम हैं।
स्पेशल और ग्रीन एफडी में निवेश करने से पहले अपनी जरूरत के हिसाब से कुछ जरूरी बातों के बारे में जानना जरूरी है। नॉन-कॉलेबल एफडी में ब्याज ज्यादा मिलता है, लेकिन बीच में पैसा नहीं निकाल सकते। वहीं, कॉलेबल एफडी में थोड़ा कम ब्याज होता है, पर लिक्विडिटी बनी रहती है। साथ ही यह भी देखें कि एफडी से मिलने वाला ब्याज आपकी इनकम में जुड़कर टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्सेबल होगा।
Published on:
02 Jun 2026 01:14 pm
बड़ी खबरें
View Allकारोबार
ट्रेंडिंग
