
Petrol Diesel के दामों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं हुआ। (PC: IANS)
Fuel Price Hike: मई में चार बार दाम बढ़ाए जाने के बाद 2 जून को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली में पेट्रोल की रेट 102.12 रुपये प्रति लीटर है। वहीं, डीजल की रेट 95.20 रुपये प्रति लीटर है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार यह बढ़ोतरी तेल मार्केटिंग कंपनियों को हो रहे घाटे को कम करन के लिए की गई थी। इससे भारतीय ग्राहको की जेब पर एक्स्ट्रा भार पड़ा है।
US-ईरान युद्ध छिड़ने के बाद से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया और भारत सरकार को चार बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने पड़े। 15 मई, 19 मई, 23 मई और 25 मई को हुई इन बढ़ोतरियों के बाद तेलगांना, बिहार, राजस्थान, केरल जैसे राज्यों में पेट्रोल 110 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा में मिल रहा है। यानी सिर्फ 20 दिनों में आम आदमी की जेब पर 7.5 से 8 रुपये प्रति लीटर का सीधा बोझ पड़ा।
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 102.12 | 95.20 |
| कोलकाता | 113.51 | 99.82 |
| मुंबई | 112.21 | 97.83 |
| चेन्नई | 108.01 | 99.66 |
| हैदराबाद | 115.73 | 103.82 |
| बेंगलुरु | 110.89 | 98.80 |
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकेबंदी और मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी तेल कंपनियों पर भारी वित्तीय दबाव है। चौथी बढ़ोतरी के बाद अब इनका प्रतिदिन घाटा 1,600-1,700 करोड़ रुपये से घटकर 600 करोड़ रुपये से नीचे आया है, लेकिन स्थिति अभी भी चिंताजनक है। 10 हफ्तों में कुल नुकसान 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है।
ग्लोबल मार्केट में ब्रेंट क्रूड 95 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार कर रहा है, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 92 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है। पिछले सत्र में तेल की कीमतों में करीब 5 फीसदी की उछाल आई थी। हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी रहने की खबरों के बाद कुछ राहत मिली है।
फाइनेंशियल इंटेलिजेंस फर्म मूडीज ने ICRA के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि भारत में पेट्रोल और डीजल के मौजूदा दाम अभी इतने ऊंचे नहीं हैं कि घरेलू मांग में कोई बड़ी गिरावट आ जाए। यह बयान ऐसे समय आया था जब सरकार ने OMC यानी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के घाटे को कम करने के लिए 25 मई को तेल की कीमत में करीब 2.7 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी।
भारत में पेट्रोल और डीजल अभी GST के दायरे से बाहर हैं। इन पर केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारों का VAT लगता है। यही कारण है कि एक ही देश में अलग-अलग शहरों में फ्यूल के दाम अलग होते हैं। साथ ही रुपये और डॉलर की विनिमय दर भी कीमतों को प्रभावित करती है, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयातित कच्चे तेल से पूरा करता है।
Updated on:
2 Jun 2026, 9:34 AM IST
Published on:
2 Jun 2026, 9:34 AM IST
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