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नई दिल्ली । अगर किसी भी पब्लिक सेक्टर बैंक को फंड चाहिए तो उसे इसकी मांग रखने से पहले बैड डैब्ट्स के मामेल में कुछ सुधार करना होगा। सरकार ने इस साल पब्लिक सेक्टर बैंकों को देने के लिए 25000 करोड़ रुपए अलग रखे हैं। वित्त मंत्रालय ने बैंकों से लोन रिकवरी का काम तेज करने के लिए कहा है।
वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि हम बैंकों के साथ ग्रोथ के अनुमान, लोन ग्रोथ टारगेट और लो कॉस्ट डिपॉजिट जैसे दूसरे एफिशिएंसी पैरामीटर्स पर बात कर रहे हैं। ओवरऑल परफॉर्मेंस के आधार पर ही बैंकों को फंड दिया जाएगा। इसमें अहम पैमाना एनपीए की रिकवरी होगा।
गौरतलब है कि सरकारी बैंकों का ग्रॉस एनपीए दिसंबर 2015 तक बढ़कर 7.3 प्रतिशत हो गया था, यह मार्च 2015 में 5.43 प्रतिशत था। अधिकारी ने बताया कि हमें बैंकरप्सी लॉ संसद के मौजूदा सत्र में पास होने की उम्मीद है। इसके अलावा, सारफेसी और डीआरटी कानून में बदलाव किया जा रहा है, ताकि बैंकों को लोन रिकवरी में मदद मिले।
Published on:
28 Apr 2016 11:42 am
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