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बैंक कर्मचारियों की बढ़ेगी सैलरी, IBA आैर बैंक यूनियनों की बैठक आज

इस बैठक में सार्वजनिक, निजी आैर विदेशी बैंकों समेत कुल 37 बैंक हिस्सा लेंगे। इन बैंकों ने अपने कर्मचारियों के वेतन के बारे में निर्णय लेने की जिम्मेदारी आर्इबीए को दिया है।
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नई दिल्ली

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Ashutosh Kumar Verma

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Updated: 30 Jul 2018, 4:05 PM IST

Bank Employees

बैंक कर्मचारियों की बढ़ेगी सैलरी, IBA आैर बैंक यूनियनों की बैठक आज

नर्इ दिल्ली। बैंक कर्मचारियों के वेतन वृद्घि को लेकर भारतीय बैंक संघ (आर्इबीए) आैर बैंक यूनियनों की आज बैठक होने वाली है। इस बैठक में सार्वजनिक, निजी आैर विदेशी बैंकों समेत कुल 37 बैंक हिस्सा लेंगे। इन बैंकों ने अपने कर्मचारियों के वेतन के बारे में निर्णय लेने की जिम्मेदारी आर्इबीए को दिया है। आर्इबीए भारत में बैंक प्रबंधन का प्रतिनिधित्व करने वाला संगठन है। बता दें वर्तमान में बैंक कर्मचारियों की मौजूदा वेतन समीक्षा नवंबर 2017 से लंबित है। इसके पहले 5 मर्इ को भी आर्इबीए ने अपने एक बैठक में बैंक कर्मचारियों के वेतन में 2 फीसदी वृद्घि का पेशकश की थी।


वेतन वृद्घि को लेकर बैंक कर्मचारी कर चुके हैं हड़ताल
आर्इबीए की इस पेशकश के बाद बैंक यूनियनों ने अपनी नाराजगी जाहिर की थी। यही नहीं, बैंक यूनियनो ने 30 मर्इ से दो दिवसीय हड़ताल पर भी थे। यूनार्इटेड फोरम आॅफ बैंक यूनियन्स (यूएफबीयू) के संयोजक देविदास तुलिजापुरकार के ने कहा कि, "हम चाहते हैं कि बैंक पिछली दो फीसदी की पेशकश में सुधार लाए। हम 25 फीसदी बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं। लेकिन इसको लेकर हम बातचीत करने के लिए तैयार हैं।"


बैंकों के घाटे के लिए कर्मचारी नहीं हैं जिम्मेदार
आपको बता दें कि कर्इ बैंकों ने बीते कुछ तिमाहियों के दौरन हुए घाटे का हवाला देते हुए बैंक कर्मचारियों के वेतन में दो फीसदी की वेतन वृद्घि के प्रस्ताव का बचाव किया है। इसपर संगठनों का कहना है कि मुनाफे में आर्इ कमी का कारण एनपीए के मदो में किया गया उंचा प्रावधान हैं। इसके लिए बैंक कर्मचारी कहीं से जिम्मेदार नहीं हैं। कर्मचारी जनधन, नोटबंदी, मुद्रा और अटल पेंशन योजना समेत अन्य विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये दिन-रात काम करते रहे हैं।


इसके पहले 15 फीसदी हुर्इ थी बढ़ोतरी
गौरतलब है इसके पहले 10वां द्विपक्षीय वेतन समझाैता मर्इ 2015 को हुआ था जो कि नवंबर 2012 से लेकर अक्टूबर 2017 के लिए था। इस समझौते के तहत आर्इबीए ने वेतन में 15 फीसदी की वृद्घि की पेशकश की थी। इसपर तुलिजापुरकर का कहान है कि वेतन वृद्घि हमेशा दहार्इ अंक में ही हुर्इ थी जिसे लेकर किसी को कोर्इ परेशानी नहीं थी। लेकिन इस बार 2 फीसदी की वृद्घि हमें स्वीकार नहीं है।