
नर्इ दिल्ली। निजी क्षेत्र के बैंक आइसीआइसीआइ बैंक के बार्ड की आज बैठक होने वाली है। वित्त वर्ष 2017-18 की वार्षिक अर्निंग को मंजूरी समेत कर्इ अन्य मुद्दों पर भी बात होने की संभावना है। संभव है कि हाल ही में वीडियोकाॅन ग्रुप को दिए गए लोन को लेकर उठे विवाद पर इस बैठक में चर्चा हो सकती है।
कुछ दिनों पहले ही चंदा कोचर पर वीडियोकाॅन ग्रुप को 4000 करोड़ रुपए का लोन देने पर भार्इ-भतीजावाद आैर हितों के टकराव को लेकर आरोप लगा थे। अाइसीआइसीअाइ बैंक आैर वीडियोकाॅन ग्रुप के एक निवेशक अरविंद गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को चिट्ठी लिखा था। इस चिट्ठी में उन्होंने बैंक के कर्ज देने के तौर तरीकों पर सवाल भी उठाया था। उन्होंने वेणुगोपाल धूत के वीडियोकाॅन कराेबारी समूह को अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोप में चंदा कोचर पर सवाल उठाया था।
निजी लाभ के बदले लोन मंजूरी का लगा था आरोप
अरविंद ने आरोप लगाया था कि चंदा कोचर ने वीडियाेकाॅन को 4000 करोड़ रुपए के दो कर्ज मंजूर करने के बदल में निजी लाभ लिया है। उनका आरोप था कि चंदा कोचर ने माॅरिशस आैर केमेन अाइलैंड देशों में स्थित कंपनियों के जरिए वीडियोकाॅन को लोन की मंजूरी दी थी।
बैंक ने किया था बचाव
इस मामले के सामने आते ही आइसीअाइसीआइ बैंक मैनेजमेंट चंदा कोचर का बचाव किया था। बैंक ने कहा था कि संस्थान में कोर्इ भी व्यक्ति अपने पद पर इतना सक्षम नहीं है कि बैंक की क्रेडिट से जुड़े फैसले को प्रभावित कर सके।
शेयर बाजार को भेजी सूचना में बैंक दी थी आंतरिक समीक्षा की जानकारी
बैंक ने शेयर बाजार की भेजी सूचना मे कहा था कि बोर्ड ने कर्ज मंजूरी को लेकर बैंक के आंतरिक प्रक्रियाआें की भी समीक्षा की गर्इ है आैर उन्हें ठोस पाया गया हैं। बैंक ने आगे कहा कि, "बोर्ड इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि कथित अफवाहों में लाभ के लिए कर्च देने या हितों के टकराव का जो आरोप लगाया गया है, उसका सवाल ही नहीं पैदा होता है।" इस विवाद के बीच एक बात तो साफ है कि बोर्ड मीटिंग में इसपर ठोस चर्चा हो सकती है।
Published on:
07 May 2018 12:11 pm
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