आपके पास भी हैं डेड अकाउंट तो जल्दी कर लें बंद, नहीं तो उठाने पड़ सकते हैं ये नुकसान

आपके पास भी हैं डेड अकाउंट तो जल्दी कर लें बंद, नहीं तो उठाने पड़ सकते हैं ये नुकसान

Shivani Sharma | Publish: May, 03 2019 11:57:01 AM (IST) | Updated: May, 03 2019 11:57:03 AM (IST) फाइनेंस

  • आपके पास भी हैं एक से ज्यादा बैंक अकाउंट और अगर आप उनका प्रयोग नहीं करते हैं तो सावधान हो जाएं
  • आपको भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है
  • जल्द ही अपने एक्सट्रा बैंक अकाउंट को आप बंद करा दें

नई दिल्ली। आज के समय में हर किसी के पास बैंक अकाउंट होते हैं। ज्यादातर लोगों के साथ होता है कि उनके पास एक से भी ज्यादा बैंक अकाउंट होते हैं, लेकिन वह लोग प्रयोग सिर्फ एक ही बैंक अकाउंट का करते हैं। ऐसा खासकर नौकरी करने वालों के साथ देखा जाता है। वह लोग जिस भी कंपनी में जाते हैं वहां पर जाकर एक नया बैंक अकाउंट खुलवा लेते हैं, जिस कारण से उनके पास कई सारे बैंक अकाउंट हो जाते हैं और वह लोग जिन अकांउट का प्रयोग नहीं भी करते हैं उनको बंद भी नहीं करवाते हैं।


हो सकता है भारी नुकसान

अगर आपने भी ऐसा कर रखा है तो डेड अकाउंट से आपको भी काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है, जिसके बारे में आपको पता भी नहीं रहता है। इसलिए जरूरी है कि आप उन अकाउंट को बंद करवा दें और किसी तरह के नुकसान से बच जाएं।


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आपको बता दें कि डेड अकाउंट रखने से कई नुकसान होते -

1. सबसे पहला नुकसान आपको यह होता है कि अगर तीन महीने तक आपके अकाउंट में सैलरी नहीं आती है तो वह खाता अपने आप ही सेविंग अकाउंट में बदल जाता है।

2. अगर आपका खाता सेविंग अकाउंट में बदल जाता है तो आपको उसमें मिनिमम मंथली बैलेंस रखना जरूरी हो जाता है और अगर मिनिमम बैलेंस नहीं रखते हैं तो आपको उसके लिए जुर्माना भी देना होता है।

3. अगर आपका अकाउंट डेड है तो इस स्थिति में ग्राहक अपने डेबिड कार्ड का प्रयोग करना बंद कर देते हैं और कई बैंक डेबिड कार्ड पर आपसे चार्ज वसूलते हैं। इस कारण से अगर आप डेबिड कार्ड का प्रयोग करें या न करें फिर भी आपको वो चार्ज देना पड़ता है।

4. इसके साथ ही अगर आप अपने खाते से 12 महीने तक कोई भी ट्रांजेक्शन नहीं करते हैं तो आपके इस अकाउंट को बैंक अपने आप ही इनएक्टिव मान लेता है।

5. अगर बैंक की ओर से आपके खाते को इनएक्टिव मान लिया जाता है तो आपको उस खाते को दोबारा से एक्टिव कराने के लिए KYC कराना पड़ता है और उस खाते के नेट बैंकिग को भी दोबारा से शुरू करना होता है।

6. बैंक की ओर से इनएक्टिव माने गए खाते की नेट बैंकिग की सुविधा को भी बंद कर दिया जाता है।

7. इसके साथ ही कई ग्राहकों को डेड अकाउंट के कारण भारी नुकसान भी उठाना पड़ता है। कई बार ग्राहकों के खाते में पड़े पैसे भी बैंक के द्वारा जुर्माने के रूप में काट लिए जाते हैं।

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