
नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 4,355 करोड़ रुपये के पंजाब और महाराष्ट्र सहकारी (पीएमसी) बैंक धोखाधड़ी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है। संघीय वित्तीय जांच एजेंसी के सदस्य मुंबई के छह स्थानों पर भी छापे भी मार रहे हैं।
मामले की हो रही जांच
ईडी ने हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एचडीआईएल) और उसके प्रमोटरों के खिलाफ धन शोधन निरोधक कानून (पीएमएलए) की विभिन्न धाराओं के तहत प्रवर्तन मामले की जांच रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
दर्ज हुआ मामला
ईडी द्वारा दर्ज मामले में एचडीआईएल के कार्यकारी अध्यक्ष राकेश वधावन और समूह के उपाध्यक्ष और उनके बेटे सारंग को नामजद किया गया है। ईडी ने मामले में मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की प्राथमिकी का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
राकेश वाधवन को किया गिरफ्तार
पीएमसी बैंक धोखाधड़ी में कथित भूमिका को लेकर गुरुवार को मुंबई पुलिस ने राकेश वधावन और उनके बेटे सारंग को गिरफ्तार किया था। पिता और पुत्र दोनों को मुंबई पुलिस के ईओडब्ल्यू कार्यालय में बुलाया गया और जब जांचकर्ताओं ने पाया कि वे जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, तो उन्होंने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
चल रही है पूछताछ
ईओडब्ल्यू के प्रमुख राजवर्धन सिन्हा ने कहा, "हमने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ जारी है।" यह आरोप लगाया गया है कि एचडीआईएल, जो दिवालियेपन की कार्यवाही का सामना कर रहा है, और उसकी समूह की कंपनियों ने पीएमसी बैंक से भारी कर्ज लिया था।
आरबीआई ने लगाया आरोप
एफआईआर पीएमसी बैंक के रिकवरी डिपार्टमेंट के मैनेजर जसबीर सिंह मट्टा द्वारा दर्ज कराई गई। यह भी आरोप लगाया गया है कि 21,049 जाली बैंक खातों को कथित रूप से ऋण को छिपाने के लिए तैयार किा गया था, जो भारतीय रिजर्व बैंक के मानदंडों का उल्लंघन करते थे।
Updated on:
04 Oct 2019 05:12 pm
Published on:
04 Oct 2019 05:11 pm
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