
bank merger
नई दिल्ली: आज यानि 1 अप्रैल से 10 सरकारी बैंकों का विलय हो जाएगा और इनकी जगह 4 बैंक अब काम करेंगे। बैंको के मर्जर के तहत 10 सरकारी बैंकों को मर्जर ( विलय ) कर 4 बैंक बनाये जा रहा है। इस तरह मर्जर के बाद देश में कुल सरकारी बैंकों की संख्या 27 से घटकर 12 रह जायेगी। इसीलिए आज हम आपको बताएंगे कि बैंको के मर्जर से आपके और हमारे जैसे इन बैंक के खाताधारकों पर क्या असर पड़ेगा, लेकिन उससे पहले आप जान लें कि किन बैंकों का विलय हो रहा है ।
इन बैंको का होगा विलय- पंजाब नेशनल बैंक ( punjab naional bank ), ओरियेंटल बैंक ऑफ , यूनाइटेड बैंक, केनरा बैंक और सिंडिकेट बैंक, यूनियन बैंक, आंध्रा बैंक और कार्पोरेशन बैंक, इंडियन बैंक, इलाहाबाद बैंक ( allahabad bank ) इस विलय प्रक्रिया में शामिल हैं। इस मर्जर के तहत पंजाब नेशनल बैंक, ओरियेंटल बैंक ऑफ, यूनाइटेड बैंक का एक में विलय कर दिया जाएगा जिसके बाद पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank) पब्लिक सेक्टर का दूसरा सबसे बड़ा बैंक बन जाएगा। इस विलय के बाद देश में सात बड़े आकार के बैंक होंगे जिनका कारोबार 8 लाख करोड़ रुपए से अधिक का होगा।
खाताधारकों ( account holder ) पर कैसा होगा असर-
खाताधारकों को बैंक जाकर अपनी पासबुक को बदलवाना होगा। हालांकि बैंक से जुड़े आपके काम नहीं रुकेंगे लेकिन पासबुक बदलवाना ज़रूरी होगा।
क्या बदल जाएगा अकाउंट नंबर- बहुत हद तक संभव है कि खाता संख्या बदल जाए। इसके अलावा आपकी पुरानी चेकबुक भी रद्द हो जाएगी । इसके अलावा ifsc कोड तत्काल तो नहीं बदलेगा लेकिन थोड़े दिनों के बाद आपको नया नंबर अलॉट कर दिया जाएगा।
ब्रांच में भी होगा परिवर्तन-
अगर किसी इलाके में एक बैंक की ज्यादा शाखाएं थी तो हो सकता है उनमें से कुछ को बंद कर दिया जाए। या वो दूसरी बैंक की शाखा के रूप में काम करने लगे।
डेबिट कार्ड ( debit card )-क्रेडिट कार्ड ( credit card ) fd पर नहीं पड़ेगा असर-
बैंको के मर्जर से पहले से इश्यू हो चुके एटीएम और क्रेडिट कार्ड पहले की तरह काम करते रहेंगें। यहां तक की पहले से बन चुकी बैंक fds पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा लेकिन नए इश्यू होने पर नए नियम लागू होंगे।
Updated on:
01 Apr 2020 10:46 am
Published on:
01 Apr 2020 10:45 am
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