
आपका बैंक कभी नहीं बताता ये बातें, जान लीजिए नहीं तो हो सकता है भारी नुकसान
नर्इ दिल्ली। जब आप किसी बैंक में खाता खुलावाने जाते हैं तो उस वक्त बैंक आपको कर्इ बातों के साथ निमय व शर्तों के बारे में जानकारी देता है। लेकिन बैंक अपने प्रोडक्ट्स व सेवाआें के बारे में कर्इ तरह की जानकारी देता है। लेकिन कुछ एेसी बातें भी होती है जिसे बैंक आपको कभी नहीं बताता है। हालांकि इन बातों को बैंक की तरफ से आपको दिए गए डाॅक्युमेंट्स में लिखा गया होता है लेकिन वे इतने बारीक होते हैं कि बैंक उन्हें आमतौर पर कस्टमर्स को उसके बारे में पढ़ना मुश्किल होता है। एेसे में अाज हम आपको कुछ जरूरी बतें बताना चाहते हैं जो अापका बैंक कभी नहीं बताता।
1. लगभग सभी बैंक अपने पुराने व लाॅयल ग्राहकों को कुछ सुविधाएें देते हैं। लेकिन अधिकतर बैंक इसकी जानकारी ग्राहकों को नहीं देते हैं। इन सुविधाआें में आमतौर पर बैंक पुराने ग्राहकों को फीस वेवर देते हैं।
2. काेर्इ भी सरकार य गैर-सरकारी बैंक कर्इ तरह के खातों का आॅफर देते हैं। इनमें कुछ एेसे खाते होते हैं जिनमें आपको अधिक ब्याज मिलता है तो वहीं कुछ एेस खाते भी होते हैं जिनपर कम ब्याज मिलता है। अधिकतर बैंक इसके बारे में आपको जानकारी नहीं देते हैं। एेसे में खाता खुलवाते समय इसके बारे में आपको खुद बैंक से पूछना होगा। आपके लिए जरूरी है कि अधिक ब्याज वाले खाते को चुनने के बाद ही आप निवेश करें।
3. जब भी आपके खाते में कोर्इ चेक जमा होता है तो ये पैसे अापके खाते में तुरंत नहीं आते हैं। चेक क्लियर करने की प्रक्रिया में कुछ समय लगता है आैर यह समय बैंक पर निर्भर करता है। हालांकि आमतौर पर चेक एक दिन में क्लियर हो जाता है लेकिन कुछ मामलों में इसमें 2 से 3 दिन लग जाता है। बता दें कि साल 2012 में भारतीय रिजर्व बैंक डिजिटलाइजेश के तहत बैंकों को कुछ निर्देश दिया ताकि चेक क्लियरेंस की प्रक्रिया को तेल किया जा सके। बता दें कि चेक क्लियर करने में जितना अधिक समय लगता है, बैंकाें को उतना अधिक फायदा होता है। दरअसल चेक क्लियर होने तक बैंकों को यह पैसा फ्री फंड फ्लोट के तौर पर मिल जाता है जिससे उनकी कमार्इ होती है।
4. अापको एटीएम ट्रांजैक्शन के सभी रसीद को संभाल कर रखना चाहिए। दरअसल एटीएम एक आॅटोमेटेड प्रोसेसिंग मशीन होता है जो कि एक खास तरह के साॅफ्टवेयर के द्वारा संचालित होता है। एेसे में इस बात की भी संभावना होती है एटीएम डुप्लिकेट ट्रांजैक्शन भी कर दे। ये आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है। एेसे में आपके लिए जरूरी है कि आप हर रसीद को संभाल कर रखें। क्योंकि जरूरत के समय आप इन रसीद को बैंक के सामने दिखा सकते हैं।
5. जब आप बैंक में किसी भी डाॅक्युमेंट पर साइन करते हैं तो इसमें कर्इ तरह की एेसी टर्म्स होते हैं जिसका मतलब आपको नहीं पता होता है। एेसे में आपके लिए जरूरी है कि इन शब्दों की अनदेखी करने के बजाए आप इन्हें अच्छे से समझें। इन मतलब जानने के बाद ही किसी भी डाॅक्युमेंट पर साइन करें। इस तरह आप किसी भी तरह के नुकसान से बच सकते हैं।
Published on:
26 Oct 2018 02:44 pm
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