
केवल इस प्रधानमंत्री को मिला भारतीय रुपए पर हस्ताक्षर करने का गौरव, वजह है चौंकाने वाली
नई दिल्ली। हर देश के पास अपनी मुद्रा होती है। इस मुद्रा के जरिए उस देश के लोग लेन-देन करते हैं। भारत के पास भी अपनी मुद्रा है। भारतीय मुद्रा को रुपए के नाम से जाना जाता है। सरकार रुपए की कीमत की गारंटी देती है। रुपए की देखरेख का जिम्मा भारतीय रिजर्व बैंक के पास होता है। हर नोट पर भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर के हस्ताक्षर होते हैं। लेकिन देश के एक प्रधानमंत्री एेसे भी हैं जिनको रुपए पर हस्ताक्षर करने का गौरव प्राप्त हैं। देश में अब तक 13 प्रधानमंत्री रह चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के 14वें प्रधानमंत्री हैं। लेकिन केवल एक प्रधानमंत्री को रुपए पर हस्ताक्षर करने का गौरव मिला है।
इनको मिलता है नोट पर हस्ताक्षर करने का गौरव
देश की मुद्रा यानी रुपए पर हस्ताक्षर करने का गौरव हर किसी को नहीं मिलता है। भारत में यह गौरव केवल भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर को प्राप्त होता है। भारत में प्रचलित हर कीमत के हर नोट पर रिजर्व बैंक के गवर्नर के हस्ताक्षर होते हैं। समय-समय पर गवर्नर बदलते रहते हैं। जैसे ही कोई गवर्नर बदलता है तो उसके बाद छपने वाले नोटों पर नए गवर्नर के हस्ताक्षर होते हैं। इस समय उर्जित पटेल भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर हैं और नए नोटों पर उर्जित पटेल के ही हस्ताक्षर हैं। उर्जित पटेल सितंबर 2016 से रिजर्व बैंक के गवर्नर के पद पर हैं।
इस प्रधानमंत्री को मिला नोटों पर हस्ताक्षर करने का गौरव
भारत का प्रधानमंत्री पद राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति के बाद सबसे बड़ा पद माना जाता है, लेकिन प्रधानमंत्री को नोटों पर हस्ताक्षर करने का अधिकार नहीं है। लेकिन हम आपको बता दें कि देश में एक एेसे भी प्रधानमंत्री रहे हैं जिनको नोटों पर हस्ताक्षर करने का गौरव प्राप्त है और वह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह हैं। जैसा कि हम आपको ऊपर बता चुके हैं कि नोटों पर हस्ताक्षर करने का अधिकार केवल रिजर्व बैंक के गवर्नर के पास होता है तो हम आपको बता दें कि प्रधानमंत्री बनने से पहले मनमोहन सिंह रिजर्व बैंक के गवर्नर भी रह चुके हैं। मनमोहन सिंह सितंबर 1982 से जनवरी 1985 तक रिजर्व बैंक के गवर्नर रह चुके हैं।
Published on:
08 Sept 2018 06:00 pm
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