वित्त मंत्री के ऐलान से मोदी सरकार को होगा 1.45 लाख करोड़ का नुकसान, घटेगा राजस्व

  • वित्त मंत्री ने प्रेस कॉफ्रेंस में किए बड़े ऐलान
  • इस ऐलान घटेगा देश की सरकार का राजस्व

Shivani Sharma

September, 2012:49 PM

नई दिल्ली। देश की अर्थव्यवस्था में रफ्तार लाने के लिए निर्मला सीतारमण समय-समय पर बड़ी घोषणाएं करती रहती हैं। शुक्रवार को सीतारमण ने जीएसटी बैठक करने से पहले देश के कारोबारियों के लिए बड़ी सौगात दी है। मोदी सरकार ने कॉरपोरेट इनकम टैक्स में कटौती करने का ऐलान दिया है। सरकार के इस कम से सभी जगह खुशी की लहर दौड़ रही है, लेकिन कॉर्पोरेट टैक्स घटाने से सरकार को हर साल करोड़ों रुपए का नुकसान होगा।

सरकार को उठाना पड़ेगा भारी नुकसान

वित्त मंत्री ने घोषणाएं करते हुए कहा कि टैक्स घटाने के अध्यादेश को मंजूरी मिल चुकी है और अब से कॉरपोरेट टैक्स की दर घटकर 22 फीसदी पर पहुंच गई है। वहीं, अगर इसमें सरचार्ज जुड़ जाता है तो यह दर बढ़कर 25.17 फीसदी हो जाती है। मौजूदा कॉरपोरेट टैक्स रेट 30 फीसदी है जोकि अब 22 फीसदी हो जाएगा। सरकार के द्वारा टैक्स में की गई 8 फीसदी की कटौती से देश की अर्थव्यवस्था को तो पटरी पर लाया जा सकता है, लेकिन सरकार को इससे काफी नुकसान उठाना पड़ेगा।

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घटेगा सरकार का रेवेन्यू

वित्त मंत्री के द्वारा कॉरपोरेट इनकम टैक्स में कटौती करने से देश की सरकार को हर साल लगभग 1.45 लाख करोड़ रुपए का नुकसान होगा। सरकार के द्वारा घटाए गए टैक्स से सरकार की राजस्व आय में काफी गिरावट आएगी, लेकिन मोदी सरकार ने इस बात की चिंता न करते हुए देश के कारोबारियों को बड़ी सौगात दी है।

आय को दो भागों में बांटती है सरकार

आपको बता दें कि सरकार अपनी आमदनी को दो हिस्सों में बांटती हैं। पूंजीगत आय (Capital Receipt) और राजस्व आय (Revenue Receipt)। जिस आमदनी से सरकार की देनदारी बढ़ती है उन्हें पूंजीगत आय माना जाता है, जैसे जनता और आरबीआई से लिया गया लोन। वहीं, जिस आमदनी को लौटाने की ज़िम्मेदारी सरकार पर नहीं होती वह राजस्व आय होती है, जैसे टैक्स।

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मिनिमम अल्टरनेटिव टैक्स को भी किया खत्म

इसके अलावा वित्त मंत्री ने मिनिमम अल्टरनेटिव टैक्स को पूरी तरह से खत्म करने का भी ऐलान किया है। दरअसल, यह टैक्‍स ऐसी कंपनियों पर लगाया जाता है जो मुनाफा कमाती हैं, लेकिन रियायतों की वजह से इन पर टैक्‍स की देनदारी कम होती है। इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 115 जेबी के तहत मिनिमम अल्टरनेटिव टैक्स लगता है। वित्त मंत्री ने बताया कि इन रियायतों के बाद देश की केंद्र सरकार को 1.45 लाख करोड़ रुपए का राजस्व घाटा होगा।

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