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ILFS संकटः अब गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों के लिए खड़ी हुर्इ मुसीबत, लागू हो सकते हैं कड़े नियम

IL&FS संकट के बाद पिछले सप्ताह ही भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआर्इ) ने किसी भी संभावित डिफाॅल्ट से बचने के लिए पहले से बेहतर आैर कड़े नियमों के प्रावधन को लेकर चेतावनी दिया था।
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ILFS संकटः अब गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों के लिए खड़ी हुर्इ मुसीबत, लागू हो सकते कड़े नियम

नर्इ दिल्ली। गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों (NBFC) में साल 2013 से चल रहे तेजी अंततः अब रूक चुकी है। इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशिलयल सर्विसेज लिमिटेड (IL&FS) संकट ने अब सबकी नजर एनबीएफसी के तरफ मोड़ दिया है। एक तरफ देश के बड़े बैंक फंसे कर्ज आैर पूंजी की संकट से जूझ रहे हैं वहीं गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों ने रोड, पावर प्लांट आैर अावासीय मकानों जैसी योजनाआें के लिए दिर्घकालिक वित्तीस सहायता की है। लेकिन इन उधारकर्ताआें ने अल्पकालिक बाजार से पैसे लेकर दीर्घकालिक लोन के लिए इस्तेमाल किया है। इससे लोन डिफाॅल्ट होने के साथ-साथ पर्याप्त मात्रा में नकदी प्रवाह को लेकर रिस्क बढ़ गया है।


संभावित डिफाॅल्ट से बचने के लिए कड़े नियमों का प्रावधान

IL&FS संकट के बाद पिछले सप्ताह ही भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआर्इ) ने किसी भी संभावित डिफाॅल्ट से बचने के लिए पहले से बेहतर आैर कड़े नियमों के प्रावधन को लेकर चेतावनी दी थी। शुक्रवार को आरबीआर्इ के डिप्टी गर्वनर विरल आचार्य ने कहा कि दक्षिण एशियार्इ उधार बाजार का बड़ा हिस्सा हासिल करने के लिए अल्पकालिक लोन को आधार बनाना एक खास तरह की रणनीति बनती जा रही है। वही एनएस विश्वनाथन ने कहा कि केंद्रीय बैंक गैर-बैंकिंग उधारकर्ताआें के लिए पहले से मजबूत एवं कड़े गाइडलाइन जारी करने की सोच रहा है।


छोटे फर्म्स की बढ़ी चिंता

गौरतलब है कि IL&FS संकट के बाद से भारतीय बाजार में उधार लेने की दरें पिछले चार साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच चुकी है। फंडिंग काॅस्ट में इजाफा आैर म्यूचुअल फंड को लेकर सतर्कता से गैर-बैंकिंग उधारकर्ताआें को गहरा झटका लगा है। एक एेसे समय में जब फंडिंग बाजार खराब दौर से गुजर रहा है तब इस तरह के कड़े प्रावधान से छोट गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों के बंद होने के खतरा हो सकता है। आर्थिक जानकारों का मानना है कि एेसे में छोटे एनबीएफसी के पास कोर्इ विकल्प नहीं बचेगा। हालांकि अच्छी बात ये है कि सिस्टम के हिसाब से इससे कोर्इ फर्क नहीं पड़ता। यदि इन फर्म्स को नुकसान होता है तो कुछ गलत नहीं है।


कंपनियों के शेयर भी लुढ़के

शुक्रवार काे शेयर बाजार में कड़े नियमाें के प्रावधान व बढ़ते खर्ज की आशंका में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के शेयरों में बिकवाली देखने को मिला था। बजाज होल्डिंग्स, रेलिगेयर एंटरप्राइज लिमिटेड, महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड आैर एडलवाइज फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के स्टाॅक्स में 7 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली। जानकारों का मानना है कि इसमें अभी आैर भी गिरावट देखने को मिल सकता है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक बीते एक साल में गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों ने अपने संपत्ति में 18 फीसदी का इजाफा किया है।