
PSBs sanction 5.66 lakh cr Rs loans last 2 month Said Finance Minister
नई दिल्ली। कोरोना वायरस लॉकडाउन ( Coronavirus Lockdown ) के कारण इंडियन इकोनॉमी ( Indian Economy ) की हालत लगातार हालत पतली होती जा रही है। देश के तमाम सेक्टर तबाही के कगार पर खड़े हैं। मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर ( Manufacturing & Service Sector ) अपने ऑल टाइम लो पर हैं। कई उद्योग संगठनों की ओर से स्पेशल पैकेज की डिमांड की जा रही है। उद्योगों का का कहना है कि अगर उन्हें स्पेशल पैकेज नहीं मिला तो उद्योग पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगा। इसी बीच देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ( Finance Minister Nirmala Sitharaman ) ने गुरुवार को ट्वीट कर कहा कि इंडियन इकोनॉमी पर आए हाल के संकट से उबरने के लिए तैयार है, क्योंकि देश के पब्लिक सेक्टर बैंक्स ( Public Sector Banks ) ने दो महीने में पांच लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के लोन बांटे हैं। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर ट्विटर पर वित्त मंत्री की ओर से किस तरह के आंकड़े जारी किए हैं।
इन लोगों के लोन हुए मंजूर
देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ट्वीट के जरिए जानकारी दी कि देश की इकोनॉमी को पटरी पर लाने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने मात्र दो महीनों, मार्च और अप्रैल में 41 लाख से अधिक खातों को 5.6 लाख करोड़ रुपए के लोन मंजूर किए हैं। यह लोन एमएसएमई, रिटेलर्स, किसान और कॉरपोरेट शामिल हैं और ऋण राशि लॉकडाउन समाप्त होने के बाद वितरित कर दिए जाएंगे। ट्वीट के अनुसार मार्च-अप्रैल 2020 के दौरान पीएसबी ने 41.81 लाख खातों के लिए 5.66 लाख करोड़ रुपए मूल्य के लोन मंजूर किए हैं। ये लोन लेने वाले एमएसएमई, रिटेल, कृषि और कॉरपोरेट सेक्टर से हैं, और लॉकडाउन समाप्त होने के बाद ऋण राशि के वितरित होने का इंतजार कर रहे हैं। अर्थव्यवस्था सुधरने के लिए तैयार है।
मार्च में 2.37 लाख लोगों के लोन मंजूर
ट्वीट की एक सीरीज में सीतारमण के कार्यालय ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा दिए गए ऋण और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा स्वीकृत ऋण मोरेटोरियम के संदर्भ में जानकारी दी है। एक अन्य ट्वीट में कहा गया है कि एमएसएमई और अन्य के लिए पूर्व स्वीकृत आपात क्रेडिट लाइंस और कार्यकारी पूंजी संवर्धन को सरकारी बैंक प्राथमिकता दे रहे हैं। वित्तमंत्री ने कहा कि यह एक तरह से कार्य प्रगति पर है और 20 मार्च से 27 लाख उपभोक्ताओं ने संपर्क किया और ऋण के 2.37 लाख मामलों के लिए 26,500 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए गए हैं।
Updated on:
08 May 2020 10:14 am
Published on:
08 May 2020 10:13 am
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