
मोदी सरकार को आरबीआई दे सकता है एक लाख करोड़ रुपए, जानें कैसे
नई दिल्ली। रिजर्व बैंक के आरक्षित धन की पहचान के लिए गठित की जाने वाली विशेष समिति की सिफारिश पर भारतीय रिजर्व बैंक केंद्रीय सरकार को एक लाख करोड़ तक की राशि दे सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि वैश्विक स्तर पर काम करने वाली एक वित्तीय कंपनी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार रिजर्व बैंक के पास इस समय आवश्यकता से अधिक आरक्षित धन है। यह राशि सकल घरेलू उत्पाद का 0.5 से लेकर 1.6 प्रतिशत है।
सरकार को मिल सकते हैं 1,05,000 करोड़ रुपए
रिपोर्ट में जीडीपी का ब्यौरा देते हुए कहा गया है कि अगर रिजर्व बैंक के कोष को आऱबीआई की बैलेंस शीट के 3.5 प्रतिशत तक सीमित रखा जाता है तो इसमें से एक लाख पांच हजार करोड़ रुपए की राशि बचेगी। ये बड़ी रकम सरकार को हस्तांतरित की जा सकती है। इसके अतिरिक्त रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यह स्तर ब्रिक्स अर्थव्यवस्थाओं के औसत स्तर से 75 प्रतिशत ऊंचा है।
विशेषज्ञ समिति का होगा गठन
इस संबंध में पिछले सोमवार को रिजर्व बैंक के केन्द्रीय निदेशक मंडल की बैठक में एक विशेषज्ञ समिति गठित करने का फैसला भी लिया गया। ये समिति इस सप्ताहांत गठित हो सकती है।
सरकार को एक से तीन लाख करोड़ रुपए किए जा सकते हैं हस्तांतरित
इसके अतिरिक्त अगर प्रतिफल वृद्धि को 4.5 प्रतिशत पर सीमित रखा जाता है तो सरकार को 1,16,000 करोड़ रुपए की राशि भी हस्तांतरित की जा सकती है। फिलहाल इसे 9प्रतिशत रखा गया है। अगर रिजर्व बैंक की मुद्रा और स्वर्ण के पुनर्मूल्यांकन खाते में विनियोजन को 25 प्रतिशत तक सीमित रखा जाए तो सरकार को 72,000 रुपए का हस्तांतरण किया जा सकता है। इसके साथ ही सरकार को कुल मिलाकर एक लाख करोड़ से लेकर तीन लाख करोड़ तक की राशि हस्तांतरित की जा सकती है।
Published on:
27 Nov 2018 10:17 am
