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RBI ने रद्द किया 28 गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों का पंजीकरण, ILFS संकट के बाद लिया फैसला

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गत 30 जून से 02 अगस्त के बीच कुल 28 गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) का पंजीकरण रद्द कर दिया है।

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RBI ने रद्द किया 28 गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों का पंजीकरण, ILFS संकट के बाद लिया फैसला

नर्इ दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गत 30 जून से 02 अगस्त के बीच कुल 28 गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) का पंजीकरण रद्द कर दिया है। केंद्रीय बैंक द्वारा मंगलवार को दी गयी जानकारी के मुताबिक, जिन एनबीएफसी का पंजीकरण रद्द किया गया उसमें से 14 पश्चिम बंगाल की हैं। आरबीआई ने 30 जून को पश्चिम बंगाल की बिजको होल्डिंग लिमिटेड का पंजीकरण रद्द किया। इसके साथ ही इसी राज्य की ऐटा सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, जवाकुसुम कोमोट्रेड, ट्रावोल टाई अप प्राइवेट लिमिटेड,नरेश इंजीनियर्स लिमिटेड, सौरभ मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड, क्षितिज कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड और मधुर एस्टेट्स एंड एजेंसिज प्राइवेट लिमिटेड का पंजीकरण भी रद्द कर दिया गया है।


क्यों कड़े हुए नियम?

उल्लेखनीय है कि IL&FS संकट के बाद गत शुक्रवार को आरबीआर्इ ने किसी भी संभावित डिफाॅल्ट से बचने के लिए पहले से बेहतर आैर कड़े नियमों के प्रावधन को लेकर चेतावनी दिया था। शुक्रवार को आरबीआर्इ के डिप्टी गर्वनर विरल आचार्य ने कहा कि दक्षिण एशियार्इ उधार बाजार का बड़ा हिस्सा हासिल करने के लिए अल्पकालिक लोन को आधार बनाना एक खास तरह की रणनीति बनती जा रही है। वही एनएस विश्वनाथन ने कहा कि केंद्रीय बैंक गैर-बैंकिंग उधारकर्ताआें के लिए पहले से मजबूत एवं कड़े गाइडलाइन जारी करने की सोच रहा है।


छोटी कंपनियों के लिए खड़ी हुर्इ मुसीबत

गौरतलब है कि IL&FS संकट के बाद से भारतीय बाजार में उधार लेने की दरें पिछले चार साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच चुकी है। फंडिंग काॅस्ट में इजाफा आैर म्यूचुअल फंड को लेकर सतर्कता से गैर-बैंकिंग उधारकर्ताआें को गहरा झटका लगा है। एक एेसे समय में जब फंडिंग बाजार खराब दौर से गुजर रहा है तब इस तरह के कड़े प्रावधान से छोट गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों के बंद होने के खतरा हो सकता है। आर्थिक जानकारों का मानना है कि एेसे में छोटे एनबीएफसी के पास कोर्इ विकल्प नहीं बचेगा। हालांकि अच्छी बात ये है कि सिस्टम के हिसाब से इससे कोर्इ फर्क नहीं पड़ता। यदि इन फर्म्स को नुकसान होता है तो कुछ गलत नहीं है।