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आरबीआई ने नहीं दी यस बैंक के सीईओ को राहत, 4 महीने में ही छोड़ना होगा पद

बैंक के सीईओ राणा कपूर को अपना पद चार महीने में ही छोड़ना पड़ेगा। भारतीय रिजर्व बैंक ने कपूर के कार्यकाल बढ़ाने के चल रहे कयासों पर विराम लगाते हुए साफ कर दिया है कि 1 फरवरी 2019 तक बैंक को राणा कपूर की जगह दूसरी नियुक्ति करनी होगी।
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Rana Kapoor

यस बैंक के सीईओ को 4 महीने में ही छोड़ना होगा पद, आरबीआई से नहीं मिली राहत

नई दिल्ली।यस बैंक के सीईओ राणा कपूर को अपना पद चार महीने में ही छोड़ना पड़ेगा। भारतीय रिजर्व बैंक ने कपूर के कार्यकाल बढ़ाने के चल रहे कयासों पर विराम लगाते हुए साफ कर दिया है कि 1 फरवरी 2019 तक बैंक को राणा कपूर की जगह दूसरी नियुक्ति करनी होगी। आरबीआई ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को जानकारी देते हुए यह बताया। आपको बता दें कि आरबीआई इससे पहले एक्सिस बैंक की शिखा शर्मा के मामले में भी इसी तरह की सख्ती दिखा चुका है।

शेयरहोल्डर कार्यकाल बढ़ाने की कर रहे थे मांग

भारतीय रिजर्व बैंक के इस फैसले से उन शेयरहोल्डर्स को झटका लगा है, जो मांग कर रहे थे कि यस बैंक के सीईओ के तौर पर राणा कपूर के कार्यकाल को कम से कम तीन साल के लिए बढ़ाया जाए लेकिन ऐसा नहीं हो सका। आरबीआई ने बैंकिंग अप्वाइंटिंग कमेटी को कह दिया है कि वो राणा कपूर की जगह किसी और के नियुक्ति की प्रोसेस दिसंबर मध्य तक पूरा कर लें। ताकि समय से राणा कपूर की जगह दूसरे की नियुक्ति हो सके।

13 साल में 28 फीसदी की ग्रोथ

राणा कपूर पिछले 13 सालों से यस बैंक से जुड़े हुए थे। उन्होंने साल 2004 में अशोक कपूर के साथ मिलकर यस बैंक की शुरुआत की थी। आपको बता दें कि राणा कपूर के नेतृत्व में बैंक ने बीते 13 साल में 28 फीसदी की सालाना ग्रोथ दर्ज की है।

बैंकिंग सीईओज पर rbi की सख्ती जारी

ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है जब भारतीय रिजर्व बैंक ने किसी बैंक के मुखिया का कार्यकाल बढ़ाने से इनकार कर दिया है। इससे पहले एक्सिस बैंक की सीईओ शिखा शर्मा के कार्यकाल को भी बढ़ाने से रिजर्व बैंक ने साफ इनकार कर दिया था। दरअसल बीते कुछ सालों में बैंकिंग सेक्टर में जिस तरह से बैंक एनपीए के बढ़ते बोझ को कम नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में आरबीआई ने बैंकिंग सेक्टर की सेहत को दुरूस्त करने के लिए कई सख्त कदम उठाए हैं।