
नियमों का पालन नहीं करने पर आरबीआई की बड़ी कार्रवाई, बंधन बैंक की नई शाखा खोलने पर रोक
नई दिल्ली। प्रमोटर के शेयर होल्डिंग मानकों को पूरा नहीं करने पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने प्राइवेट बैंक बंधन बैंक पर बड़ी कार्रवाई की है। आरबीआई ने बंधन बैंक की ओर से नई शाखा खोलने पर रोक लगा दी है। साथ ही बंधन बैंक प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी चंद्र शेखर घोष का वेतन-भत्ता फिलहाल बढ़ाने पर भी रोक लगा दी है। अब बंधन बैंक आरबीआई की अनुमति के बिना कोई नई शाखा नहीं खोल सकता है। आपको बता दें कि बंधन बैंक देश का सबसे नया प्राइवेट बैंक है और बीती अगस्त में ही बैंक के तीन साल पूरे हुए हैं।
आरबीआई ने इसलिए लिया यह फैसला
बंधन बैंक की ओर से स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के अनुसार, नॉन ऑपरेटिव फाइनेंशियल होल्डिंग कंपनी की हिस्सेदारी घटाकर 40 फीसदी पर लाने में नाकाम होने के कारण रिजर्व बैंक ने नई शाखाएं खोलने पर रोक लगाई है। बैंक की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, लाइसेंस की शर्तों के अनुसार बैंक को नॉन ऑपरेटिव फाइनेंशियल होल्डिंग कंपनी की हिस्सेदारी को तीन साल में घटाकर 40 फीसदी पर लाया जाना था। लेकिन बैंक एेसा करने में नाकाम रहा है। बैंक अब आरबीआई की अनुमति के बाद ही नई शाखाएं खोल सकता है। बैंक का कहना है कि वह लाइसेंस की शर्तों के अनुपालन के लिए जरूरी कदम उठा रहा है।
अभी ये है स्थिति
आरबीआई की लाइसेंस शर्तों के अनुसार, किसी भी प्राइवेट बैंक को अपने ऑपरेशन के तीन साल के अंदर प्रमोटर की हिस्सेदारी घटाकर 40 फीसदी करनी होती है। लेकिन बंधक बैंक एेसा करने में असफल रहा है। हाल ही बंधन बैंक ने तीन साल पूरे किए हैं, लेकिन अभी भी उसके प्रमोटर की हिस्सेदारी 82.28 फीसदी है। आपको बता दें कि इसी साल मार्च में बंधन बैंक ने पब्लिक ऑफरिंग के जरिए पैसे जुटाने शुरू किए थे। इससे प्रमोटर की हिस्सेदारी में थोड़ी कमी आई थी।
Published on:
28 Sept 2018 07:12 pm
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