
केवल 9 महीनों में ही भारतीय स्टेट बैंक को लगी 8 हजार करोड़ रुपए की चपत
नई दिल्ली। भारतीय स्टेट बैंक ने बुधवार को जानकारी दिया कि कुल 1,885 मामलों में 7,951.29 करोड़ रुपए के फ्रॉड का पता चला है। एसबीआई ने अपनी तरफ से दी गई जानकारी में कहा है कि चालू वित्त वर्ष के पहले 9 महीनों में ये मामले सामने आए हैं। बैंक ने इसके बारे में जानकारी एक आरटीआई को दिए गए जवाब में दिया है।
आरटीआई को दिए गए जवाब में देश की सबसे बड़े उधारकर्ता ने कहा कि, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 669 फ्रॉड के मामले सामने आए जिसमें बैंक को 723.06 करोड़ रुपए का घाटा हुआ। वहीं दूसरी तिमाही में कुल 660 मामलों में से 4,832.42 करो रुपए का नुकसान हुआ। जबकि तीसरी तिमाही में फ्रॉड के कुल 556 मामले सामने आए जिसकी वजह से बैंक को 2,395.81 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।
इस आरटीआई आवेदनकर्ता का नाम चंद्रशेखर गौड़ है जिनसे बैंक ने गत 25 फरवरी को उन्हें जवाब दिया। हालांकि, उन्होंने अपने बैंक के वित्तीय घाटे के संबंध में भी जानकरी मांगी। एसबीआई ने इन जानकारियों को साझा करने से मना कर दिया है। बैंक ने कहा यदि हम ऐसा करते हैं तो आरटीआई एक्ट 2005 के सेक्शन 7(9) का उल्लंघन होगा। बैंक ने इस बारे में भी कोई जानकारी नहीं दी कि आखिर किन तरीकों से फ्रॉड हुए जिससे बैंक को इतना बड़ा घाटा हुआ।
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Updated on:
28 Feb 2019 10:05 am
Published on:
27 Feb 2019 08:53 pm
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