टैक्स चोरी नहीं होगी आसान, मेडिकल से लेकर प्रॉपर्टी टैक्स तक दिखाना होगा Form 26AS में

अब टैक्स की चोरी करना इतना आसान नहीं होगा । दरअसल सरकार ने फॉर्म 26एएस ( Form 26AS ) को जारी किया है और नए फार्म का दायरा अब पहले से कहीं ज्यादा बढ़ा दिया गया है।

By: Pragati Bajpai

Updated: 15 Aug 2020, 04:11 PM IST

नई दिल्ली : अगर आप भी उन लोगों में हैं जो गलत बिल्स लगाकर या छिपाकर अपना टैक्स बचाने की कोशिश करते हैं तो आपको बता दें कि अब टैक्स की चोरी ( Tax Evasion ) करना इतना आसान नहीं होगा । दरअसल सरकार ने फॉर्म 26एएस ( Form 26AS ) को जारी किया है और नए फार्म का ( Changes in Form 26AS ) दायरा अब पहले से कहीं ज्यादा बढ़ा दिया गया है।

आसान शब्दों में कहें तो न फार्म्स आपको प्रॉपर्टी टैक्स, मेडिकल की बिल, होटल की बिल और बीमा प्रीमियम जैसे बिलों को शामिल करना होगा। इससे सरकार को लोगों की आय के बारे में सटीक जानकारी मिल सकेगी । इसके साथ ही खबर है कि सरकार इनके खर्च की सीमा भी घटाई जाएगी।

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टैक्स रिटर्न ( Tax Return ) में होगी आसान-आपको मालूम हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को टैक्स के नए प्लेटफार्म को लॉन्च किया था। इसके साथ ही टैक्स का दायरा बढ़ाने के लिए फेसलेस असेसमेंट और रिटर्न दाखिले में सरलता लाने जैसे कई और टैक्स सुधारों का भी एलान किया गया। सरकार ने टैक्स डिस्क्लोजर के लिए तमाम तरह के लेनदेन की सीमा घटाने का भी निर्णय लिया है।

नई व्यवस्था के तहत आप 20 हजार रुपए से ज्यादा के इश्योरेंस प्रीमियम ( Insurance Premium ) या होटल बिल ( Hotel Bill ) का भुगतान करेंगे। जीवन बीमा ( Life Insurance ) पर 50,000 रुपए से ज्यादा और एक लाख रुपए से ज्यादा की स्कूल फीस भरेंगे या फिर कोई व्हाइट गुड्स, ज्वेलरी, मार्बल या पेंटिंग की खऱीदी करेंगे तो इन चीजों के लिए आपने जिसको पैसा दिया है उसको इसकी जानकारी सरकार को देनी होगी।

फिलहाल में 30 लाख रुपए से ज्यादा की संपत्ति खऱीदना, शेयरों में 10 लाख रुपए के निवेश, म्यूचुअल फंड, डीमैट, क्रेडिट कार्ड ( Credit Card ) और फिक्स डिपॉजिट ( Fixed Deposit ) के जरिए किए गए 10 लाख रुपए से ज्यादा के लेन-देन की सूचना देनी होती है।

नई व्यवस्था के तहत बैंकों में कैश डिपॉजिट की लिमिट बचत खाता के लिए 10 लाख से बढ़ाकर 25 लाख और चालू खाता के लिए 50 लाख कर दी गई है लेकिन अगर आप 30 लाख रुपए से ज्यादा का बैंकिंग लेनदेन करते हैं तो आपको टैक्स रिटर्न दाखिल करना होगा।

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