
फिरोजाबाद। थाना क्षेत्र के राजा का ताल में मंदिर की जमीन को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। दोनों पक्ष एक दूसरे पर जमीन कब्जाने का आरोप लगा रहे थे। इस दौरान एक पक्ष मंदिर में खंडित मूर्तियों की जगह दूसरी मूर्ति लगवाने का काम कर रहा था, जिसका दूसरे पक्ष ने विरोध कर दिया।
कई दशक पुराना है पथवारी माता का मंदिर
राजा का ताल में कई दशक पुराना पथवारी माता का मंदिर है। उस मंदिर के पीछे कई लोगों ने अपने मकान भी बना लिए हैं। विवाद मंदिर की मूर्ति खंडित होने के बाद शुरु हुआ। पुलिस के मुताबिक मंदिर की मूर्ति को किसी शरारती तत्व ने खंडित कर दिया था। मंदिर में नई मूर्तियों को लगाने के लिए एक पक्ष के विनोद पुत्र अचल सिंह ग्रामीणों के साथ पहुंच गए।
दूसरे पक्ष ने भी किया विरोध
दूसरे पक्ष के नेत्रपाल पुत्र नवल सिंह ने इसका विरोध कर दिया। दो पक्षों के आमने सामने सामने आने के बाद हालात तनावपूर्ण बन गए। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर मंदिर की जमीन कब्जाने का आरोप लगा दिया। इस दौरान जमकर हंगामा हुआ। हंगामे की सूचना पर थाना प्रभारी भानुप्रताप और राजा का ताल चौकी प्रभारी केपी सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा बुझाकर शांत कराया। एक पक्ष के विनोद का कहना है कि दूसरे पक्ष ने मंदिर की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। हम मंदिर की खंडित मूर्ति को बदलवाने के लिए गए थे कि नेत्रपाल ने उसका विरोध कर दिया। इस मामले में थाना प्रभारी भानुप्रताप सिंह का कहना है कि विवाद की स्थिति को देखते हुए दोनों पक्षों को यथा स्थिति रखने के निर्देश दिए गए हैं। किसी पक्ष को निर्माण करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
Published on:
27 Sep 2017, 9:10 PM IST
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