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ढेर सारी दवाइयों से मिलेगी निजात, सिर्फ एक टैबलेट से होगा टीबी का इलाज

पहले टीबी के इलाज के लिए ढेर सारी दवाइयां लेनी होती थीं जिससे मरीजों को असुविधा होती थी, अब सिर्फ एक गोली लेनी होगी।

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DM Neha Sharma

फिरोजाबाद। डीएम नेहा शर्मा ने जिला क्षय रोग नियंत्रण केंन्द्र में टीबी के इलाज के लिए बनायी गयी नई दवा एफडीसी (फिक्स डोज कम्पोजीशन) के वितरण का शुभारम्भ किया। उन्होंने टीबी के मरीजों को यह दवा वितरित करते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ्य होने की कामना भी की। उन्होंने कहा कि पहले टीबी के इलाज के लिए ढेर सारी दवाइयां लेनी होती थीं। जिससे मरीजों को असुविधा होती थी। इसके साथ मरीज कोई भी दवा लेना भूल जाता तो ड्रग-रेसिस्टैंट टीबी होने का खतरा रहता था। पहले दी जा रही सभी दवाओं को एक साथ मिलाकर एक गोली तैयार की गयी है। खुराक का निर्धारण मरीज के वजन के अनुसार किया जायेगा।


डीएम ने डीटीओ डा आरएस अत्येन्द्र को निर्देश दियेे कि किसी भी मरीज की टीबी एमडीआर (मल्टी ड्रग रजिस्टेंस) एवं एक्सडीआर (एक्स्ट्रीम ड्रग रेजिस्टेंट) श्रेणी में न परिवर्तित होने पाये इसके लिए पूरी व्यवस्था कर ली जाए। उन्होंने कहा कि मरीजोें का ठीक प्रकार से इलाज ही सच्ची सेवा है। उन्होंने बताया है कि जिले में लगभग एक हजार सात सौ टीबी के मरीज हैं जिनमें से 323 मरीज एमडीआर और 14 मरीज एक्सडीआर टीबी से ग्रसित हैं। टीबी का अधूरा इलाज करने से साधरण टीबी एमडीआर में परिवर्तित हो जाती है। साधारण टीबी के मरीज केवल छः माह नियमित दवा खाने से ठीक हो जाते हैं जबकि एमडीआर मरीजोे को दो वर्ष तक नियमित दवा खानी पड़ती है।


एक्सडीआर मरीजों को कम से कम चार वर्ष तक टीबी की दवा खाना पड़ती है। डीएम ने आम जनता से अपील की,
सावधानी रखकर टीबी से बचा जा सकता है। यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक खांसी आ रही हो तो तुरन्त नजदीकी डाॅट्स केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थय केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में जाकर बलगम को जांच करायें। टीबी के रोगियों की चैकिंग सही टाइम पर हो जाये तो उनको टीबी जैसी भयानक बीमारी के दुष्परिणामों से बचाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि जनपद में पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिसके अन्तर्गत सभी डीटीसी, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रोें के साथ जिला चिकित्सालय में बलगम की जांच एवं उपचार की पूर्णतः मुफ्त सुविधा उपलब्ध है। इसके उपरान्त जिलाधिकारी ने जिला क्षय रोग नियंत्रण केन्द्र की पैथोलॉजी लैब दवा वितरण कक्ष एवं अन्य कक्षों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने वहां पर आये मरीजों को अपने हाथों से दवा वितरण भी की। उनके साथ सीएमएस डॉ आरके पाण्डेय भी मौजूद रहे।