2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सपा सांसद धर्मेंद्र यादव के गढ़ में इस नए चेहरे ने उड़ा दी टिकट दावेदारों की नींद

राष्ट्रवादी पूर्णिमा के नाम से सोशल साइट पर खासी सक्रिय हैं पूनम गुप्ता पूर्णिमा।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बदायूं

•

image

Amit Sharma

•

Updated: 30 Oct 2017, 3:10 PM IST

Purnima

बदायूं। निकाय चुनाव को लेकर हलचल तेज है, रोज नए दावेदार आ रहे हैं हालांकि किसी भी राजनैतिक दल की तरफ से अभी प्रत्याशी घोषित नहीं किए गए हैं। बदायूं नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए समाजवादी पार्टी की तरफ से निवर्तमान चेयरमैन फातिमा रजा की मजबूत दावेदारी है। कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी को कोई प्रत्याशी नहीं मिल रहा है। भारतीय जनता पार्टी में दावेदारों की लंबी लाइन है।

भाजपा से ये हैं दावेवार

भाजपा से दीपमाला गोयल, रजनी मिश्रा, पूनम गुप्ता, श्रद्धा सक्सेना, नीरज वैश्य, रीना वैश्य, मेखला सिंह पटेल, महिला मोर्चा की अध्यक्ष सीमा राठौर दावेदारी कर रही हैं। इन सबके बीच एक ऐसा नाम भी सामने भी आ रहा है जो सोशल मीडिया पर खासा सक्रिय है। ये नाम है पूर्णिमा पूनम गुप्ता। पूर्णिमा पूनम गुप्ता सोशल मीडिया पर राष्ट्रवादी छवि बनाते हुए खासी सक्रिय हैं। हालांकि पूनम गुप्ता अभी तक कोई भी चुनाव नहीं लड़ी हैं। केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद से राजनीति में सक्रिय हुईं पूनम गुप्ता मूलत: राजस्थान की रहने वाली हैं और उनके पति व्यवसाई हैं। उनका परिवार लंबे समय से भाजपा से जुड़ा हुआ है।

पत्नियों के टिकट मांग रहे भाजपा नेता

वहीं दीपमाला गोयल की बात करें तो वह पिछली बार भाजपा प्रत्याशी थीं। भाजपा टिकट के दावेदारों में दीपमाला गोयल सबसे पुरानी नेत्री हैं। रजनी मिश्रा समाज सेविका हैं। रजनी मिश्रा शहर में नारी निखार ब्यूटी पार्लर का संचालन करती हैं और निखार कल्याण समिति के माध्यम से लगातार समाजसेवा से जुड़ी रहती हैं। वहीं महिला सीट होने के बाद भाजपा के तमाम दिग्गज नेता अपनी पत्नी के लिए टिकट की दावेदारी कर रहे हैं जिसमें अशोक भारतीय, स्वतंत्र प्रकाश गुप्ता, राजेश्वर सिंह पटेल, अजीत वैश्य प्रमुख बताए जा रहे हैं।

कैसे होगी टिकट तय

पार्टी सूत्रों के मुताबिक उम्मीदवारों के चयन में भाजपा विधायकों की राय अहम होगी। इसीके चलते जनपद के पांच भाजपा विधायकों की सोच एवं पसंद को नजरंदाज किए जाने की संभावनाएं अभी तो नहीं दिख रही हैं।