इन देशों से आए श्रद्धालु
आयरलैंड, जर्मनी, इटली, आस्ट्रेलिया, चेक रिपब्लिकन और विलायत से करीब तीन दर्जन श्रद्धालु रविवार सुबह करीब 11 बजे मंदिर पहुंचे। आध्यात्मिक गुरू शशि दुबे ने विदेशी श्रद्धालुओं को पूजा अर्चना कराई। मां की महिमा के बारे में बताया। उन्होंने काली, लक्ष्मी, सरस्वती और गायत्री माता की स्तुति की। बाद में आरती उतारकर गलतियों के लिए क्षमा मांगी। उन्होंने परिक्रमा लगाकर जलकुंड के जल से शरीर को पवित्र किया। पूजा अर्चना के समय विदेशी महिलाएं सिर को चुनरी से ढकी हुई थीं।