30 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

यहां रामगोपाल यादव की प्रतिष्ठा दांव पर! सांसद बेटे के साथ संभाली कमान

निकाय चुनाव को लेकर प्रो. रामगोपाल यादव की प्रतिष्ठा दांव पर है, सांसद बेटे अक्षय यादव के साथ उन्होंने कमान संभाल ली है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

फिरोजाबाद

•

image

Amit Sharma

•

Updated: 23 Oct 2017, 12:59 PM IST

Ramgopal Yadav

फिरोजाबाद। समाजवादी पार्टी का गढ़ माने जाने वाले फिरोजाबाद शहर में विधानसभा चुनाव 2017 में पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया था। लोकसभा चुनाव में जरूर सपा ने बाजी मारी थी लेकिन विधानसभा चुनाव में जादू नहीं चल पाया था। सपा के गढ़ में भारतीय जनता पार्टी ने सेंध लगा दी थी। पांच विधानसभा सीटों में से चार सीट पर भाजपा ने कब्जा कर लिया था अब निकाय चुनाव को लेकर सपा ने दम भरना शुरू कर दिया है। सभी नगर पालिकाओं पर प्रत्याशियों को चुनाव जिताने के लिए सपा ने योजना बना कर काम करना शुरू कर दिया है।


मेयर की सीट पर रहेगा फोकस

सुहाग नगरी में पहली बार मेयर का चुनाव होने जा रहा है। मेयर का चुनाव जीतने के लिए भाजपा औा सपा अपनी पूरी दम दिखा रही हैं। भाजपा मेयर का चुनाव जीतने को कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती तो सपा भी इसे अपनी प्रतिष्ठा मानकर चल रही है। पहली बार किस दल का मेयर चुना जाएगा यह तो आने वाला समय ही बताएगा लेकिन दोनों ही दल के नेता निकाय चुनाव को लेकर शहर में दौड़ लगा रहे हैं। वर्तमान में जिले भर में भाजपा के एक कैबिनेट मंत्री, चार विधायक व एक पूर्व मंत्री भी हैं।


प्रो. रामगोपाल यादव के आने से बढ़ी हलचल

निकाय चुनाव की तैयारियों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिले भर में सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव और सांसद अक्षय यादव का आगमन तेज हो गया है। विधानसभा चुनाव के बाद कम ही बार प्रो. यादव और सांसद का जिले में आगमन हुआ लेकिन एक बार फिर निकाय चुनाव के नजदीक आते ही सपा ने कार्यकर्ताओं में जोश भरने का काम शुरू कर दिया है। सपा अब किसी तरह निकाय चुनाव से जीत का आगाज करना चाहती है।


एमएलसी, जिलाध्यक्ष और पार्टी पदाधिकारी संभालेंगे कमान

निकाय चुनाव को जिताने की जिम्मेदारी सपा द्वारा एमएलसी डाॅ. दिलीप यादव, असीम यादव समेत जिलाध्यक्ष रामसेवक यादव समेत अन्य पार्टी पदाधिकारियों को दी गई है। इस बार सपा नगर पालिकाओं में ऐसे प्रत्याशियों को टिकट देने का काम करेगी जो चुनाव आसानी से जीत सकें। सपा के दम दिखाने से भाजपा खेमे में हलचल पैदा हो गई है। भाजपा भी अब सपा की काट खोजने की तलाश में जुट गई है।