
हाथरस। निकाय चुनाव में आरक्षण के फाइनल हो जाने के बाद नगर पंचायतों और नगर पालिका के अध्यक्ष पद के दावेदारों ने सामाजिक और जातीय गणित लगाना शुरू कर दिया है, यहां तक कि धार्मिक आधार पर भी आंकलन लगाना शुरू हो गया है। हाथरस जिले की नगर पंचायत मुरसान में भी दावेदारों ने अपना गणित लगाना शुरू कर दिया है, इस नगर पंचायत में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या सबसे ज्यादा है, इसलिए यहां मुस्लिम मतदाता ही प्रत्याशी के भाग्य का फैसला करेंगे, हालांकि भाजपा के दावे इससे इतर हैं।
पिछले चुनावों में रहा है सपा का कब्जा
नगर पंचायत मुरसान में पिछले चुनावों में समाजवादी पार्टी का कब्जा रहा है, पिछले चुनावों में यहां से देशराज सिंह देशु समाजवादी पार्टी से समर्थित प्रत्यशी थे, जिन्होंने अपनी जीत दर्ज कराई थी। जबकि यहां से बहुजन समाज पार्टी समर्थित प्रत्यशी रजनेश कुमार कुशवाह दूसरे स्थान पर रहे। इस बार सामान्य सीट होने की वजह से चुनाव काफी दिलचस्प हो गया है।
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यहां तीन तलाक के मुद्दे को भुनाने की तैयारी में भाजपा
नगर निकाय में हुए आरक्षण के बाद हाथरस में भाजपा जिलाध्यक्ष रामवीर सिंह परमार ने पत्रिका से बातचीत में कहा कि केंद्र में नरेंद्र मोदी और प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में भारतीय जनता पार्टी की सरकार में मुस्लिमों के लिए काफी काम हुए हैं, यहां तक कि तीन तलाक मसले पर मुस्लिम महिला भारतीय जनता पार्टी के साथ हैं। मुस्लिम महिलाओं ने खुल कर भाजपा को वोट दिया। उन्होंने कहा कि मुस्लिम मतदाताओं के लिए केंद्र व प्रदेश की सरकारों ने काफी योजनायें चलाई हैं। उन्होंने तो यह भी कहा कि जब इस नगर पंचायत पर पार्टी अपना प्रत्यशी घोषित करेगी तो सब चकित रह जाएंगे।
ये हैं जातिगत आंकड़े
मुस्लिम - 1650
जाट- 1000
ब्राह्मण- 1300
वैश्य- 600
कुशवाह- 1400
बघेल- 675
जाटव- 450
नाई- 275
हरिजन- 250
कोरी- 250
धोबी- 70
अन्य- 150
Published on:
23 Oct 2017, 11:42 AM IST
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