
फिरोजाबाद।सुहाग नगरी में तेजी से विकास कार्यों को कराने के लिए 21 साल पहले विकास प्राधिकरण की स्थापना की गई। शहर की सड़कें अच्छी हों, स्ट्रीट लाइटों से पूरा शहर रोशन हो। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लोगों को आवास उपलब्ध हों। शहर के पार्क विकसित हो सकें इसलिए विप्रा कार्यालय का शुभारंभ किया गया। इसके बाद भी शहरवासियों को निराशा ही हाथ लगी। शहर भर में करीब 50 से अधिक अवैध काॅलोनियां विकसित हैं। इन पर भी विकास प्राधिकरण कोई कार्रवाई नहीं कर सका है।
1996 में खुला विप्रा कार्यालय
वर्ष 1996 में फिरोजाबाद-शिकोहाबाद विकास प्राधिकरण कार्यालय का शुभारंभ हुआ। कार्यालय का शुभारंभ शहर के चहुमुंखी विकास को ध्यान में रखते हुए किया गया। योजना थी कि विकास प्राधिकरण के जरिए विभिन्न योजनाओं को शहर में लाया जाएगा। इससे शहरवासियों का भला हो सकेगा। कई आवासीय काॅलोनी विकसित होंगी तो शहर के लोगों के रहने के लिए एक छत का इंतजाम हो सकेगा। शहर में आवासीय काॅलोनी की मांग लंबे समय से चली आ रही है लेकिन विकास प्राधिकरण 21 साल बाद भी एक भी आवासीय काॅलोनी का निर्माण नहीं करा सका। निर्माण तो दूर की बात विप्रा के पास आवासीय भवनों के लिए अभी तक कोई योजना भी तैयार नहीं है। ऐसे में शहरवासियों के लिए विकास प्राधिकरण का होना न होने के बराबर है।
औद्योगिक क्षेत्र का नहीं हो सका विकास
फिरोजाबाद औद्योगिक शहर है। यहां हर रोज सैकड़ों वाहन कांच का सामान लाने ले जाने का काम करते हैं। काफी मात्रा में कांच का सामान बाहर भेजने का काम किया जाता है। ऐसी स्थिति में हाईवे, सर्विस रोड एवं शहर की तंग गलियों में चल रहे ट्रांसपोर्ट के कारोबार से जाम के हालात पैदा होते रहते हैं। विकास प्राधिकरण द्वारा जाम से निजात दिलाने के लिए भी कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। अभी तक ट्रांसपोर्ट की भी व्यवस्था प्राधिकरण द्वारा नहीं की जा सकी है जबकि शहर में ट्रांसपोर्ट बनवाने की मांग लंबे समय से चली आ रही है। शासन से बजट न मिलने के कारण विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के पास कोई काम नहीं है। शहर की अवैध काॅलोनियों पर भी विकास प्राधिकरण द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
Published on:
07 Jan 2018 03:28 pm
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