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प्रशासनिक अमले ने ठेले और गुमटी की जब्त

करीब एक माह से प्रशासन द्वारा हाईवे से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है।

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शाजापुर.करीब एक माह से प्रशासन द्वारा हाईवे से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है। लेकिन आगे पाठ पीछे सपाट वाली स्थिति बन रही है। प्रशासन अतिक्रमण हटाता है, लेकिन एक दो दिन बाद दोबारा अतिक्रमणकर्ता उसी जगह पर जम जाते हैं। करीब १५ दिन पहले हाईवे पर बस स्टैंड, ट्रेफिक पाइंट के पास, डीपो के आगे लगे ठेले, गुमटियों का अतिक्रमण हटाया था, जिससे हाईवे चौड़ा लगने लगा था, लेकिन कुछ दिन बाद ही दोबारा यहां अतिक्रमण पसरने लगा। जिसके चलते गुरुवार को प्रशासनिक अमले ने नगर पालिका के साथ हाईवे से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की।इस दौरान ठेले गुमटियों को जब्त भी किया गया।

गुरुवार शाम ५ बजे बाद लगभग हाईवे पर जैसे ही प्रशासनिक अधिकारी अतिक्रमण हटाने पहुंचे, यहां अफरा-तफरी मच गई, कोई ठेले लेकर भागने लगा तो कोईअपना सामान समेटकर गुमटी उठाने लगा। तो कोई अगली बार यहां ठेला नहीं लगाने की गुहार लगाता रहा। इस बीच जिन लोगों के पास चलित साधन थे, वह अपना अतिक्रमण तत्काल ले गए, लेकिन जिन लोगों के ठेले व गुमटी वहीं रखे थे उन्हें नगर पालिका के अमले ने ट्राली में भरकर वाटर वक्र्स भेज दिया। कार्रवाई में शामिल नायब तहसीलदार राजेश वत्स, सीएमओ भूपेंद्र कुमार दीक्षित सहित अमला मौजूद था। सीएमओ ने बताया कि जो लोग यहां ठेले गुमटियां लगा रहे थे, उन्हें समझाईश दी गई, लेकिन इन्होंने दोबारा यहां अतिक्रमण कर मार्गको संकरा बना दिया। यहां ठेले लगाने वाले लोगों के लिए वैकल्पि व्यवस्था की गई है।इन्हें धानमंडी की जगह बताई गई, जहां ये अपना व्यवसाय कर सकते हैं। लेकिन इसके बावजूद अतिक्रमण किया जा रहा है, जिसके तहत ये कार्रवाई की गई। इस दौरान नपा अमले ने ठेले, गुमटियों के साथ गैस टंकी चूल्हा भी जब्त किया है।

अमले को देख लगाई दौड़
गुरुवार को जब प्रशासनिक अमला यहां निरीक्षण के लिए पहुंचा तो उन्हें देखकर सब्जी विक्रेताओं और अन्य ठेला व्यवसायियों के होश उड़ गए। कई लोगों ने गुमटियां भी रख ली थी जो अमले को देख गुमटियां बंद कर वहां से भाग खड़े हुए। इसके बाद जो वहां बच गए थे उनसे अधिकारियों ने चर्चा की और उन्हें लताड़ भी लगाई।