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फीफा विश्व कप 2018: मिस्र का 27 साल लंबा इंतजार खत्म किया सालेह ने

आखिरी बार वर्ष 1990 में फीफा विश्व कप में खेलने वाले मिस्र का सालेह के गोल ने फिर से खेलने का सपना पूरा करा दिया।

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Kuldeep Panwar

Oct 09, 2017

Egypts 27-Year Wait To Qualify For FIFA World Cup Ended

काहिरा। लगभग 85 हजार दर्शकों की क्षमता वाले बोर्ग अल अरब स्टेडियम में रविवार रात को जब मिस्र के लिए खेल रहे लीवरपूल के फॉरवर्ड मोहम्मद सालेह ने स्टॉपेज टाइम में कांगो ब्राजाविले के खिलाफ पेनल्टी को गोल में बदला तो मानो सबकुछ थम गया। थोड़ी देर बाद जब सभी को अहसास हुआ कि मिस्र जीत हासिल करने के साथ ही रूस में वर्ष 2018 में होने जाजा रहे फीफा विश्व कप में क्वालिफाई कर गया है तो हर किसी में जोश उमड़ पड़ा। कारण था मिस्र का विश्व कप में फिर से खेलने का 27 साल पुराना सपना पूरा हो जाना।

आखिरी बार वर्ष 1990 में फीफा विश्व कप में खेलने वाले मिस्र को सालेह के गोल ने कांगो के खिलाफ ड्रॉ होते दिखाई दे रहे मैच में 2-1 की नाटकीय जीत दिलाई और ग्रुप-ई में युगांडा के ऊपर 4 अंकों की लीड दिला दी। युगांडा ने कंपाला में हुए एक अन्य मैच में घाना के साथ 0-0 से ड्रॉ खेला, जो उसे ज्यादा लाभ नहीं दे पाया। हालांकि मैचों का अभी एक राउंड होना बाकी है, लेकिन ये तय हो गया है कि किसी भी तरह से मिस्र पिछडऩे वाला नहीं है।

सालेह ने अपनी टीम को सबसे पहले 63वें मिनट में बढ़त दिलाई, जब उनके फायरनुमा शॉट को विपक्षी गोलकीपर बरेल माउको नहीं रोक पाए। लेकिन कांगो ने जल्द ही इसे बराबर कर लिया, जब उनके फ्रांसीसी डिफेंडर मोतोऊ सबस्टीट्यूट के तौर पर उतरे और उनके बॉक्स के अंदर से मारे गए शॉट को मिस्र के 44 वर्षीय गोलकीपर एसाम अल हैदरी रोकने में असफल रहे। अंत तक दोनों टीम आपस में संघर्ष करती रहीं, लेकिन कोई भी गोल नहीं कर पाई। मुकाबला ड्रॉ होता दिखाई दे रहा था, जो 7 बार की अफ्रीकी चैंपियन टीम मिस्र के लिए विश्व कप में पहुंचने के लायक नहीं था। ऐसे में आखिरी क्षणों में मिले स्टॉपेज टाइम में सालेह ने एक बार फिर कमाल दिखाया और उनकी स्पॉट किक को गोल में पहुंचने से रोकना माउको के लिए असंभव काम साबित हुआ।

कांगो को उसकी धरती पर भी हरा चुके मिस्र ने युगांडा व घाना को अपनी धरती पर हराकर 12 अंक बटोरे थे। उसे एकमात्र हार युगांडा ने अपनी धरती पर दी थी। 1990 के बाद कई बार आखिरी मौके पर हारकर विश्व कप खेलने से चूकती रही मिस्र का अब खेलना पक्का हो गया है। मिस्र से पहले शनिवार को नाइजीरिया ने ग्रुप-बी में जाम्बिया को हराकर अफ्रीका से विश्व कप में पहुंचने वाली पहली टीम बनने का श्रेय हासिल किया था।