
मेसी और यमाल (फोटो- IANS)
FIFA World Cup Prize Money: फीफा वर्ल्डकप 2026 के खिताबी मुकाबले में स्पेन ने अर्जेंटीना को 1-0 से हरा दिया। इससे पहले स्पेन की टीम 2010 में फाइनल में पहुंची थी और वहां भी उसने नीदरलैंड्स को हराकर खिताब जीता था। सब्स्टीट्यूट फेरान टोरेस ने 106वें मिनट में विजयी गोल किया। इस तरह स्पेन फाइनल में कभी न हारने वाली टीम बन गई। इस जीत के बाद उसे 481 करोड़ रुपए की इनामी राशि मिली।
इस टूर्नामेंट के लिए फीफा ने लगभाग 7000 करोड़ रुपए की इनामी राशि की घोषणा की थी, जिसमें से अर्जेंटीना को फाइनल में पहुंचने के लिए 317 करोड़ रुपए मिले। खिताबी मुकाबले में लियोनल मेसी की अगुवाई वाली टीम निराशाजनक प्रदर्शन की वजह से खिताब से चूक गई। पूरे मैच में वह सिर्फ एक बार शॉट टारगेट पर लगा सके, दूसरी ओर स्पेन ने 20 बार लक्ष्य पर निशाना साधा, जिसमें से 13 टारगेट गोल पर थे।
| स्थान | टीम/चरण | पुरस्कार राशि |
|---|---|---|
| 🥇 1 | चैंपियन – स्पेन | 481 करोड़ रुपये |
| 🥈 2 | उपविजेता – अर्जेंटीना | 318 करोड़ रुपये |
| 🥉 3 | तीसरा स्थान – इंग्लैंड | 279 करोड़ रुपये |
| 4 | चौथा स्थान – फ्रांस | 260 करोड़ रुपये |
| 5-8 | क्वार्टर फाइनल | 183 करोड़ रुपये |
| 9-16 | प्री-क्वार्टर फाइनल | 144 करोड़ रुपये |
| 17-32 | राउंड ऑफ-32 | 106 करोड़ रुपये |
| 33-48 | ग्रुप स्टेज | 87 करोड़ रुपये |
न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में 90 मिनट तक कोई गोल नहीं हो सका। स्पेन के टोरेस ने आखिरकार 106वें मिनट खाता खोल दिया। इस फॉरवर्ड खिलाड़ी ने निको विलियम्स के हेडर से मिले मौके का फायदा उठाया और बाएं पैर से जोरदार शॉट लगाकर अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज को छकाते हुए गोल किया। इसी के साथ स्पेन ने अपना दूसरा FIFA वर्ल्ड कप खिताब जीता। इससे पहले उन्होंने 2010 में नीदरलैंड्स को हराकर दक्षिण अफ्रीका में यह खिताब जीता था।
स्पेन ने लंबे समय तक बॉल पर पोजेशन बनाए रखा और पूरे फाइनल में बेहतर मौके बनाए। दूसरी ओर अर्जेंटीना के गोलकीपर मार्टिनेज शानदार फॉर्म में दिखे और उन्होंने बार-बार स्पेनिश टीम के हमलों को नाकाम किया। वहीं, अर्जेंटीना साफ-सुथरे मौके बनाने के लिए संघर्ष करती दिखी और कप्तान लियोनल मेसी को स्पेन के अनुशासित डिफेंस ने काफी हद तक रोके रखा।
डिफेंडिंग चैंपियन को स्टॉपेज टाइम में बड़ा झटका लगा, जब मिडफील्डर एंजो फर्नांडीज को दूसरा पीला कार्ड दिखाया गया, जिससे एक्स्ट्रा टाइम के लिए अर्जेंटीना की टीम में खिलाड़ियों की संख्या घटकर 10 रह गई। स्पेन ने दबाव बनाना जारी रखा और उन्हें लगा कि उन्होंने एक्स्ट्रा टाइम में अपनी बढ़त दोगुनी कर ली है, लेकिन गोल से पहले फाउल होने के कारण उस प्रयास को अमान्य करार दिया गया। हालांकि, लुइस डे ला फुएंते की टीम ने संयम बनाए रखा और आसानी से मैच के आखिरी पल बिताते हुए अर्जेंटीना के वर्ल्ड चैंपियन के तौर पर राज को खत्म कर दिया।
Updated on:
20 Jul 2026 05:36 am
Published on:
20 Jul 2026 04:50 am
