
नई दिल्ली: ATM कार्ड का इस्तेमाल शापिंग करने और पैसा निकालने समेत कई कामों के लिए किया जाता है, लेकिन क्या आपको पता है कि एटीएम कार्ड धारकों को इंश्योरेंस कवर भी मिलता है। अगर अभी तक आपको इसके बारे में नहीं पता है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है,क्योंकि आज हम आपको इसकी पूरी जानकारी देंगे। बता दें कि सरकारी और प्राइवेट बैंक अपने ग्राहकों को एक्सीडेंटल हॉस्पिटलाइजेशन कवर और एक्सीडेंटल डेथ कवर देते हैं। इसके तहत देने वाले कवर की रेंज 50,000 से 10 लाख रुपये है। हालांकि इस सुविधा को पाने के लिए अपना बैंक खाता चालू रहना जरूरी है।
ऐसे करें इंश्योरेंस के लिए क्लेम
अगर किसी ATM कार्ड धारक की मौत हो जाती है तो उसके परिजन बैंक के उस ब्राच को जानकारी दें, जहां उसका अकाउंट खुला गया है। इसके बाद वहां मुआवजे के लिए अप्लाई करें। यह काम 2-5 महीने की बीच में ही करें वरना इसका लाभ नहीं मिलेगा। वहीं इसकी जानकारी मिलते ही बैंक चेक करेगा कि 60 दिनों के भीतर उसने कोई लेनदेन किया है या नहीं। बता दें कि विकलांगता से लेकर मौत होने तक पर अलग-अलग तरह के मुआवजे का प्रावधान है। साधारण एटीएम, मास्टरकार्ड, क्लासिक एटीएम पर भी अलग-अलग तरह की मुआवजा है। साथ ही आप बैंक जाकर यह भी पता कर सकते हैं कि आपके कार्ड पर कितने का बीमा कराया गया है।
इसे क्लेम करने के लिए एक्सीडेट या मृतक व्यक्ति से जुड़े सभी डॉक्यूमेंट्स होने जरूरी है। अगर व्यक्ति का अस्पताल में है तो हॉस्पिटल से जुड़े सभी दस्तावेज दिखाने होंगे और अगर व्यक्ति की मृत्य हो गई है तो उसके पोस्टमार्टम की रिपोर्ट, पुलिस रिपोर्ट, डेथ सर्टिफिकेट और ड्राइविंग लाइसेंस होना जरूरी है।
Published on:
18 Sept 2019 03:04 pm
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