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मौत के बाद जिंदा होने की इस खबर ने अधिकारियों को किया परेशान, एेसे खुला राज

हमेशा सुखिर्यों में रहने वाला गरियाबंद वन मंडल एक बार फिर चर्चा में है।

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गरियाबंद/पांडुका. हमेशा सुखिर्यों में रहने वाला गरियाबंद वन मंडल एक बार फिर चर्चा में है। मामला लोगों की मौत के बाद जिंदा होने का है। आरटीआई कार्यकर्ता भागवत राम ध्रुव द्वारा सूचना के अधिकार के तहत विभाग से जानकारी मांगी गई। जिसके बाद से मौत पर से पर्दा उठ गया। वहीं, कलेक्टर के पास जनदर्शन में पहुंचे एक फरियादी ने इस पूरे मामले की कहानी असफर को बताया तो वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह गए।

जानिए पूरा मामला..
गरियाबंद परिक्षेत्र के बारूका रेंज विजय नगर बीड के कक्ष क्रमांक 522, 518, 541 में वर्ष 2015-16,17 में गढ्ढा खोदाई से लेकर पौधारोपण व इनसे संबधित सभी प्रकार के विकास कार्यों में फर्जीवाड़े का है। शिकायतकर्ता ने बताया कि ग्राम राचर डेरा के आरटीआई कार्यकर्ता भागवत राम ध्रुव द्वारा सूचना के अधिकार के तहत विभाग से जानकारी मांगी गई।

मृत व्यक्ति को सरकारी रिकाडर् में बताया जिंदा
पहले तो टाला गया, लेकिन दूसरी बार आवेदन करने पर 600 पेज में जानकारी दी गई। मस्टररोल की प्रमाणित कॉपी में दो मृत व्यक्ति, एक आंगनबाड़ी सहायिका व 10 साल से दिव्यांग व्यक्ति का हाजिरी डालकर पैसा निकाला गया है। ज्ञात हो की सूखरू कमार पिता गबरू ग्राम टोईयामुंडा मृत्यु 25 जनवरी 2016 को हो गई है। जबकि कार्य दिवस वाउचर और भुगतान 26 जुलाई 2016 से 28 जुलाई 2016 बताया गया है। मृतक अंगूठा छाप था, जिसका हस्ताक्षर कर राशि निकाली गई है। इसी प्रकार धरमू पिता परशादी कमार ग्राम राचर डेरा की मृत्यु 10 जून 2016 को हो गई है। 9 अगस्त से 14 अगस्त 2016 तक कार्य करना बताया गया है।

इन लोगों की हो चुकी है मौत, पर फाईल में अभी भी हैं जिंदा
इसी प्रकार राचर डेरा में आंगनबाड़ी सहायिका पूर्णिमा यादव का भी नाम मस्टररोल में डाया गया है, जबकि वह पिछले 5 साल से सहायिका के पद पर कार्यरत है। ग्राम टोईयामुड़ा के महेतरू पिता भुखउ यादव विगत कई वर्षो से शारीरिक रूप से विकलांग है। उनके नाम से भी मस्टर रोल में नाम डालकर राशि आहरण किया गया है। मस्टर रोल के आधार पर जब इन सब बिंदुओं पर जांचकर परिवार वालों से पूछा गया तो परिवार के लोगों व स्वयं आंगनबाड़ी सहायिका ने इस बारे में अनभिज्ञता जताई।

उन्होंने कहा, नाम किसने डाला और किसने आहरण किया पता नहीं है। इसी प्रकार जिंदगीभर कई लोगों ने हस्ताक्षर नहीं किया है, उसके नाम से हस्ताक्षर कर राशि आहरण कर लिया गया है। इस प्रकार विजय नगर, राउतडेरा, राचरडेरा, पचपेड़ी, टोईयामुड़ा, कुम्हरमरा, आदि गांव से महिलाओं का नाम उस कक्ष क्रमंाक में काम करना बताया जिसे उसे आज तक देखा भी नहीं।

जनदर्शन में शिकायत
इसकी शिकायत गुरुवार को जनदर्शन में राचरडेरा के भागवत धु्रव, तुलसी बाई, पुर्णिमा यादव,रवेती ध्रुव, सावित्री लोहार, नवरतन कश्यप, गैंदलाल ध्रुव, भारत कुमार द्वारा की गई। वन सभापति टीकमचंद साहू ने जांच की मांग करते दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

जैसे शिकायत की कॉपी जांच के लिए आएगी, जांच कराएंगे। दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
राजेश पांडे, डीएफआ