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सीसीटीएनएस (CCTNS) और आईसीजेएस (ICJS) में छत्तीसगढ़ देश में दूसरे स्थान पर

- भारत सरकार से प्रदेश को मिला एक और राष्ट्रीय पुरस्कार- Crime and Criminals Tracking Network and Systems (CCTNS) और आईसीजेएस (इंटर-ऑप्रेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम) (Interoperable Criminal Justice System (ICJS) में पुरस्कार

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रायपुर. भारत सरकार से छत्तीसगढ़ को एक और राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। प्रदेश को सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रेकिंग नेटवर्क सिस्टम Crime and Criminals Tracking Network and Systems (CCTNS)) और आईसीजेएस (इंटर-ऑप्रेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम) (Interoperable Criminal Justice System (ICJS) ) में बेहतर क्रियान्वयन के लिए देशभर में दूसरा स्थान मिला है। छत्तीसगढ़ के साथ उत्तर प्रदेश भी दूसरे नम्बर पर है। जबकि प्रथम स्थान उड़ीसा एवं तृतीय स्थान मध्य प्रदेश राज्य को प्रदान किया गया है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय अपराध रेकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) (National Crime Records Bureau (राष्‍ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्‍यूरो)) ने शुक्रवार को ट्वीटकर इसकी घोषण की है। दरअसल, नई दिल्ली में दो दिवसीय ऑनलाइन कान्फ्रेंस का आयोजन किया गया था। इसमें जिसमें देश के समस्त राज्य सम्मिलित हुए थे। आईसीजेएस योजना के अन्तर्गत फॉरेन्सिक में बेहतर क्रियान्वयन के लिए पूरे देश में छत्तीसगढ़ राज्य को दूसरा स्थान प्रदान करते हुये राष्ट्रीय पुरस्कार की घोषणा की गयी है।

बता दें कि राज्य में सीसीटीएनएस, फोरेन्सिक, कोर्ट, अभियोजन एवं जेल को डिजिटल प्लेटफार्म पर आईसीजेएस के माध्यम से आपस में इंटीग्रेशन का कार्य पूर्ण हो गया है। राज्य फोरेन्सिक प्रयोगशाला द्वारा एक सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन भी तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से केस रजिस्ट्रेशन से लेकर रिपोर्ट तैयार करने तक की समस्त कार्रवाई अपलोड की जाती है। यह डेटा आईसीजेएस के अन्य स्तंभ को साझा किया जा रहा है।

प्रमुख बिंदु
16-17 दिसंबर तक आयोजित दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस में आईसीजेएस योजना के अंतर्गत फॉरेंसिक में बेहतर क्रियान्वयन हेतु राष्ट्रीय पुरस्कार की घोषणा की गई, जिसमें पूरे देश में छत्तीसगढ़ को दूसरा स्थान प्रदान किया गया। वहीं प्रथम स्थान उड़ीसा एवं तृतीय स्थान मध्य प्रदेश राज्य को प्रदान किया गया।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में सीसीटीएनएस, फॉरेंसिक, कोर्ट, अभियोजन एवं जेल को डिजिटल प्लेटफार्म पर आईसीजेएस के माध्यम से आपस में इंटीग्रेशन का कार्य पूर्ण हो गया है।

राज्य फॉरेंसिक प्रयोगशाला द्वारा ई-फॉरेंसिक सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से केस रजिस्ट्रेशन से लेकर रिपोर्ट तैयार करने तक की समस्त कार्यवाही अपलोड की जाती है। यह डेटा आईसीजेएस के अन्य स्तंभ को साझा कर रहा है।

भारत सरकार, गृह मंत्रालय, एनसीआरबी, नई दिल्ली द्वारा इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) के माध्यम से सीसीटीएनएस, अभियोजन, जेल, कोर्ट एवं फॉरेंसिक एवं फिंगर प्रिंट के डिजिटल डेटा को आपस में इंट्रीगेट किया जा रहा है, ताकि उक्त सभी विभागों के डाटा आपस में साझा किया जा सकें।