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बिजली की कटौती के कारण छाया हुआ था अंधेरा, हफ्ते भर बाद रौशन हुए ये गांव

इधर, तीन गांव की हालात जस की तस बनी हुई है। यहां भी शीघ्र सुधार का दावा विभाग कर रहा है।

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बिजली की कटौती के कारण छाया हुआ था अंधेरा, हफ्ते भर बाद रौशन हुए ये गांव

सूरजपुरा. गर्मी और पानी की किल्लत का सामना कर रहे तीन गांव में आखिरकार एक सप्ताह बाद बिजली पहुंची। पत्रिका ने अपने 24 जून के अंक में मामले को प्रमुखता से उठाया था, जिसके बाद आनन-फानन में अमला पहुंचा और व्यवस्था बहाल की। इधर, तीन गांव की हालात जस की तस बनी हुई है। यहां भी शीघ्र सुधार का दावा विभाग कर रहा है।

भाटापारा संभाग के छह गांव में बीते एक हफ्ते से बिजली की आपूर्ति को लेकर समस्या थी, जिससे ग्रामीणों में गुस्सा था। इसके बाद पत्रिका टीम ने हालात का जायजा लेकर अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया। उसके बाद राज्य विद्युत मंडल के अधिकारियों के निर्देश पर टीम ने एक-एक करके देर शाम तीनों गांव की बिजली आपूर्ति शुरू कर दी। अब 3 गांव शेष है, जहां सोमवार को मरम्मत टीम के पहुंचने का भरोसा मंडल ने दिया है।


भाटापारा संभाग के ग्राम मुसवाडीह और नवागांव में 7 दिन बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो गई। ट्रांसफार्मर में कुछ खराबी थी, इसे सुधारा गया। अब पानी के पंप चलने लगे हैं सिंचाई पंपों से खेती का काम तेजी से शुरू कर दिया है।

पड़ोस के गांव से उधार लेकर चल रहे ग्राम तुरमा, टेकारी और चमारी में हालत अच्छी नहीं है। इन तीनों गांव में लगे ट्रांसफार्मर कुछ घंटे चलने के बाद साथ छोड़ रहे हैं।

हर घर बिजली जैसी महत्वपूर्ण योजना के उद्देश्य को लेकर चल रही सरकार की योजना तो अच्छी है, लेकिन कनेक्शन की संख्या बढऩे के बावजूद उच्च क्षमता वाले ट्रांसफार्मर लगाने की और ना तो संभाग मुख्यालय का ध्यान है ना ही कोई कोशिश दिखाई देती है, ऐसे में यह समस्या लगभग हर गांव में मिल रही है।

छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल सर्किल के एसई यूआर मिर्झे ने बताया कि तीन गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है। शेष तीन गांव में भी मरम्मत के लिए टीम बहुत जल्द रवाना कर दी जाएगी।