
बुजुर्ग महिला और उसके अंधे बेटे को नहीं मिल रहा सरकारी योजना का लाभ, टूटे मकान में रहने को मजबूर
सुहेला. छत्तीसगढ़ के गांव झीपन की रहने वाली वृद्ध महिला और उसके विकलांग बेटे को सरकार से भी कोई मदद नहीं मिल पा रही है। महिला का बेटा दो साल पहले गंभीर बीमारी के चलते अंधा हो गया। उसके आंख से ठीक से दिखाई नहीं देता और वह भी कुछ नहीं कर पाता। इस गरीब महिला को अभी तक पंचायत में व लोक सुराज में दो बार आवेदन देने के बावजूद प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास ऋण नहीं दिया गया है। न ही उसके दिव्यांग बच्चे को पेंशन मिल रहा है।
अंजनी वर्मा (70) अपने विकलांग बेटे हरीश कुमार वर्मा (28) के साथ रहती है। अत्यंत गरीब अंजनी के नाम पर बीपीएल गुलाबी कार्ड क्रमांक 52021084600006 है। इसमें तीन साल से राशन मिल रहा है। इससे वह अपने व अपने दिव्यांग बच्चे का पालन पोषण कर रहा है। वृध्द महिला ने बताया कि हमें अभी तक न तो प्रधानमंत्री आवास योजना को लाभ मिला है।
वृद्ध महिला को न ही स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय तथा उज्ज्वला योजना का गैस भी नहीं मिला है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण हुआ तो है लेकिन अभी तक हमारे घर में शौचालय निर्माण नहीं कराया गया है। झीपन के ग्रामीण दुर्गा वर्मा, हेमलाल वर्मा, पवन वर्मा सहित अन्य लोगों ने बताया कि इस परिवार की स्थित दयनीय है। परिवार के दोनो सदस्य मां उम्र से व बेटा हरीश शरीर से कमजोर है। दोनों की हालत इतनी नहीं है कि वह किसी के यहां काम कर अपना गुजारा कर पाए।
इन लोगों को शासन की हर योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। उक्त वृद्ध महिला अंजनी वर्मा ने बताया कि जब अचानक हल्की बारिश होती है, तो घर के एक कोने में खड़ा होकर बारिश से अपने आप बचाते हैं। वृध्द महिला का छप्परविहीन घर को देखने से ही पता चलता है कि अचानक तेज बारिश हो जाए तो मकान ढह जाने का खतरा मंडराने लगता है। ग्राम के पंच पिलेश्वर वर्मा ने बताया कि वृद्ध गरीब महिला के बारे में कई बार पंचायत मीटिंग में चर्चा किया गया लेकिन कुछ नहीं हुआ।
Published on:
06 Jun 2018 05:34 pm
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