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58 वर्षीय बुजुर्ग ने हिला दी अमरीका की साख,जासूसी के आरोप में गिरफ्तार

रॉन हैनसन नाम के इस बुजुर्ग को अमरीका ने कई अहम पदों पर बैठाया।चीन के लिए करता था जासूसी।

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Mohit Saxena

Jun 05, 2018

amrica

58 वर्षीय बुजुर्ग ने हिला दी अमरीका की साख,जासूसी के आरोप में गिरफ्तार

वाशिंगटन।अमरीका के सिएटल एयपोर्ट पर शनिवार को एक 58 वर्षीय बुजुर्ग को पकड़ा गया है। यह चीन के लिए जासूसी करता है। यह अमरीका का पूर्व खुफिया अधिकारी है। बताया जा रहा है यह चीन को अमरीकी सैन्य जानकारियां पहुंचा रहा था। रॉन हैनसन नाम के इस बुजुर्ग को अमरीका ने कई अहम पदों पर बैठाया। इसके बावजूद वह चीन के लिए जासूसी करने को कैसे राजी हो गया, यह हैरान कर देने वाला वाक्या है। माना जा रहा है कि चीन और अमरीका के बीच इस समय काफी तनाव बना हुआ है। दोनों देश एक दूसरे की काट ढूंढ़ने का प्रयास कर रहे हैं।

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सूचना भेजने के एवज में 5.4 करोड़ रुपए मिले

रॉन हैनसन को कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान न्याय विभाग ने कहा है कि हैनसन ने चीन को सूचना भेजने की कोशिश की थी और एजेंट बनने के लिए उन्हें 5.4 करोड़ रुपए मिले हैं। हैनसन पर दूसरे देश की सरकार को मदद पहुंचाने के लिए अपने देश की सेना की जुड़ी जानकारियां इकट्ठा करने का आरोप है। इसके अलावा उन पर 14 अन्य आरोप हैं। इसमें चीन के लिए जासूसी, थोक रूप से नकदी की तस्करी,विदेशी लेनदेन और अमरीका से सामान की तस्करी करना शामिल है। अगर ये आरोप सही साबित होते हैं तो उन्हें अपनी बची जिंदगी जेल में गुज़ारनी होगी।

अमरीकी सेना में रह चुका रॉन हैनसन

सहायक अटॉर्नी जनरल जॉन डेमर्स ने हैनसन की जासूसी को देश की सुरक्षा के साथ विश्वासघात और पूर्व खुफिया कर्मियों को अपमानित करने वाला बताया है। रॉन हैनसन अमरीकी सेना में रह चुके हैं। वो वारंट अधिकारी थे। इससे पहले वो सिग्नल इंटेलिजेंस और ह्यूमन इंटेलिजेंस जैसे काम कर चुके हैं। ये सब करने से पहले डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी ने उन्हें नागरिक खुफिया मामलों के अधिकारी के रूप में साल 2006 में नियुक्त किया था। न्याय विभाग ने कहा है कि हैनसन चीनी और रूसी भाषा में बात कर सकते हैं। विभाग का ये भी कहना है कि वो 2013 से 2017 के बीच कई बार चीन गए थे। हैनसेन पर अमरीकी सरकार के लिए काम बंद करने के बाद सूचनाओं तक अपनी पहुंच बनाने के लिए बार-बार प्रयास करने के आरोप हैं, जिसके बाद अधिकारियों को इसके बारे में सतर्क कर दिया था।