
गाजियाबाद. देशभर में आए दिन जहां कुछ राजनेता लोगों को हिंदू-मुस्लिम के नाम पर बांटकर राजनीतिक रोटियां सेंकते हैं और दंगे कराने से भी पीछे नहीं हटते हैं। वहीं गाजियाबाद के शालीमार गार्डन निवासी अकील खान पिछले 18 वर्षों से हिंदू-मुस्लिम एकता की अनूठी मिसाल पेश कर रहे हैं। जी हां, अकील खान बेसक मुस्लिम परिवार में जन्मे हों, लेकिन हिंदू धर्म से उनका लगाव लोगों को साम्प्रदायिक सद्भाव की सीख देता है। दरअसल, अकील 18 साल से मां भगवती का जागरण कराते आ रहे हैं। शनिवार रात को भी उन्होंने माता के जागरण का आयोजन किया और रविवार सुबह विधिवत हवन-पूजन के बाद भंडारे का भी आयोजन किया।
अकील खान जितना मुस्लिम धर्म को मानते हैं उससे कहीं ज्यादा हिंदू धर्म को तवज्जो देते हैं। अकील खान का कहना है कि जितने भी सिद्ध पीठ या प्रसिद्ध मंदिर है उन्होंने हर जगह मत्था टेका है। इतना ही नहीं वह पिछले 18 सालों से लगातार मां भगवती का जागरण धूमधाम से कराते हैं, जिसके अगले दिन भंडारे का भी आयोजन करते हैं। इस मौके पर आसपास के काफी श्रद्धालु पहुंचते हैं और अकील खान की खुले दिल से सराहना करते हैं। अकील खान बताते हैं कि जबसे उन्होंने मां भगवती का जागरण कराना शुरू किया है। तभी से उनका परिवार और उनके रिश्तेदार भी इनके इस मांगलिक कार्य में शामिल होते हैं और उन्हें सहयोग भी करते हैं।
वहीं अकील का कहना है कि उनके परिवार और रिश्तेदार के अलावा कुछ ऐसे मुस्लिम परिवार भी हैं, जो कि उनके इस कार्यक्रम का पुरजोर विरोध करते हैं। लेकिन, वे इस पर कभी ध्यान नहीं देते हैं और पूरी शिद्दत के साथ मां भगवती की ज्योति प्रचंड कराते हैं। साथ ही श्रद्धा भाव से जिस तरह से मुस्लिम धर्म के रीति-रिवाजों को निभाते हैं। उससे कहीं ज्यादा वह हिंदू धर्म के देवी देवताओं की अाराधना करते हैं। वहीं अकील खान ने लोगों को संदेश देते हुए कहा कि हम सभी लोगों को आपस में प्यार मोहब्बत से रहना चाहिए और सभी को एक दूसरे के रीति-रिवाज को भी बखूबी ढंग से निभाना चाहिए।
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Published on:
29 Apr 2018 12:53 pm
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