20 अप्रैल 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

साइबर क्राइम रोकने के लिए उठाना होगा यह कदम

साइबर क्राइम रोकने के लिए अमेरिका के साथ हाथ मिलाना होगाः फ्रैंक जे. लबुडा

2 min read
Google source verification
college

गाजियाबाद। भारत में साइबर अपराध के मामलों का निपटारा करने के लिए भारत को अमेरिका के साथ मिलकर काम करना होगा। साइबर अपराध को रोकने के लिए राज्य सरकारों को विशेष अधिकार भी देने होंगे। वसुंधरा स्थित मेवाड़ ग्रुप आॅफ इंस्टीट्यूशंस के विवेकानंद सभागार में साइबर अपराध पर गेस्ट लेक्चरर के तौर पर अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय में जज रहे फ्रैंक जे. लबुडा और अमेरिका के वरिष्ठ वकील जॉन आर. केली शामिल हुए। दोनों ने अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य में साइबर अपराध के बारे में छात्रों को जानकारी दी।

यह भी पढ़ें: बच्चे की मौत के बाद में परिजनों ने सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों पर लगाया यह आरोप

फ्रैंक जे. लबुडा ने संयुक्त राज्य अमेरिका में साइबर अपराधों और जॉन आर. केली के बारे में अधिक चर्चा की। उन्होंने अमेरिका और भारत में बढ़ते साइबर अपराध के तुलनात्मक पहलुओं के बारे में चिंता जताई। संयुक्त राज्य अमेरिका में कानूनी प्रणाली से संबंधित संघीय और राज्य कानून संरचना के बारे में भी उन्होने बताया। लबुडा के मुताबिक भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका में आम कानून व्यवस्था प्रचलित है। संयुक्त राज्य अमेरिका में कागजरहित काम कैसे होता है इसकों लेकर चर्चा की गई। संयुक्त राज्य अमेरिका में भारत के विपरीत, राज्य के पास अपने कानून हैं और राज्य कानून साइबर अपराध से संबंधित है।

यह भी पढ़ें: कट्टरपंथियों को नजर अंदाज कर फिट रहने के लिए मुस्लिम महिलाएं अपना रही हैं योग

संयुक्त राज्य अमेरिका के कुछ राज्य में, साइबर अपराध की सजा प्रकृति में प्रतिपूरक है और कुछ प्रतिपूरक और दंडात्मक भी। उन्होंने साइबर अपराध से संबंधित अनेक केस बताकर उनपर विस्तार से चर्चा की। कंपनी व ग्राहकों के डेटा रिसाव के बारे में उदाहरण सहित अपनी बात को जोरदार तरीके से पेश किया। उन्होंने क्लैपर वी. एम्नेस्टी इंटरनेशनल संयुक्त राज्य अमेरिका और संयुक्त राज्य अमेरिका के व्ही कारपेंटर केस में बरती गई लापरवाही के कारण दंडात्मक और क्षतिपूर्ति को प्रमुखता से बताया।

यह भी पढ़ें: एलिवेटेड रोड का उद्घाटन करने आए योगी ने दूसरे दिन 342 करोड़ रूपये की दे दी यह सौगात