
गाजियाबाद। 3 जून का दिन वर्ल्ड साइकिलिंग डे के रूप में मनाया जाता है और ऐसे में हिंदुस्तान की सबसे पुरानी साइकिल फैक्ट्री एटलस के गाजियाबाद प्लांट पर कंपनी बंद करने का नोटिस लग गया है। मजदूरों का आरोप है कि यहां हर महीने तकरीबन दो लाख साइकिल का प्रोडक्शन होता था, तो फिर नोटिस में आर्थिक संकट कहां से आ गया। इतना ही नहीं, कंपनी में कार्य करने वाले करीब 1000 लोग इसके बंद होने के बाद बेरोजगार हो गए हैं।
दरअसल, गाजियाबाद साहिबाबाद इलाके में स्थित इस कंपनी में हरियाणा की मशहूर एटलस साइकिलें बनती थी। जानकारी के मुताबिक 1989 में यह फैक्ट्री यहां लगी थी। इसमें तकरीबन 1000 मजदूर काम करते हैं। देश में कोविड-19 महामारी के चलते सरकार द्वारा लगाए गए लॉकडाउन के कारण कंपनी में काम बंद हो गया था। हालांकि जैसे ही अनलॉक वन शुरू हुआ तो कंपनी भी खुल गई और 2 दिन खुलने के बाद कंपनी के गेट पर अचानक ही फैक्ट्री बंद होने का नोटिस लगा मिला तो सभी के होश उड़ गए। जिसके बाद अब कर्मचारी अपनी यूनियन के बैनर तले एकत्र होकर इसका विरोध कर रहे हैं।
इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए मजदूर यूनियन के नेता महेश कुमार ने यह बताया कि यहां तकरीबन दो लाख साइकिलओं का प्रोडक्शन हर महीने होता है। जिससे मैनेजमेंट को काफी लाभ होता था। तो फिर कंपनी को आर्थिक संकट कहां हुआ। इस कंपनी में करीब 1000 मजदूर कार्य करते आ रहे हैं और अचानक कि इस तरह से कंपनी बंद होने के बाद सभी बेरोजगार हो चुके हैं। जब सब कुछ ठीक चल रहा था। तो फिर आखिर नोटिस में ऐसा क्यों लिखा है कि आर्थिक संकट के चलते इसे बंद किया जा रहा है।
Updated on:
3 Jun 2020, 5:21 PM IST
Published on:
3 Jun 2020, 5:18 PM IST
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