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देश के सबसे बड़े सरकारी हॉस्पिटल में डॉक्टर की लापरवाही ने ली मासूम की जान, न्याय के लिए भटक रहा पिता

देश के सबसे बड़े सरकारी हॉस्पिटल में डॉक्टर्स की लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली। वहीं, पिता न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही

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Child death due to doctor negligence in safdarjung hospital

गाजियाबाद। देश और दिल्ली के नामी सरकारी हॉस्पिटल सफदरजंग हॉस्पिटल के डॉक्टर्स की लापरवाही एक मासूम की जिंदगी पर भारी पड़ गई। आठ महीने पहले डॉक्टरों ने दो साल की मासूम का ऑपरेशन किया। गलती से सर्जिकल ब्लेड बच्ची के पेट में रह गया। एक्स-रे के जरिए इसका पता चला, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। पीड़ित परिवार पिछले आठ महीने से न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है, लेकिन आज तक न्याय नहीं मिल सका। उधर, दिल्ली के एसीपी का कहना है कि एम्स के पैनल की रिपोर्ट के आने के बाद में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

गाजियाबाद में रहता है मासूम का परिवार

पीड़ित महेश कुमार गाजियाबाद में प्राधिकरण द्वारा विकसित की गई स्वर्ण जयंति पुरम कालोनी के भवन संख्या बी 404 में परिवार के साथ रहते हैं। महेश ने बताया कि उसकी दो साल की मासूम पुत्री मुस्कान को सीने में दर्द की शिकायत थी। आस-पास के लोगों एवं परिवारिक सदस्यों की सलाह पर राजधानी दिल्ली के सबसे बडे सफदरजंग अस्पताल में चिकित्सकों को दिखाया गया था। चिकित्सकों के द्वारा बताया गया था कि मुस्कान के सीने के पास मवाद बन रहा है। मवाद के कारण मुस्कान को बुखार व निमोनिया बना हुआ है। 16 फरवरी को अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में मुस्कान को भर्ती किया गया था। सर्जिकल वार्ड के अध्यक्ष डॉ दीपक बग्गा की देखरेख में मुस्कान का 18 फरवरी को आपरेशन किया गया। आपरेशन के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं आने बल्कि और स्थिति बिगड़ने पर एक्स-रे कराया गया तो खुलासा हुआ कि आपरेशन के दौरान मुस्कान के शरीर में सर्जिकल ब्लेड छूट गया। नतीजा यह रहा कि चिकित्सकों की इस घोर लापरवाही के परिणाम स्वरूप मुस्कान की मौत हो गई।

सीएम से लेकर स्वास्थ्य मंत्री तक की शिकायत

मासूम के पिता महेश का कहना था कि सर्जिकल ब्लेड को लेकर जब अस्पताल के चिकित्सकों से बात की गई तो उसे बताया गया कि ये टयूब है जो कि टांके कटने के दौरान निकाल दी जाएगी। बल्कि, जो उसने एक्सरे आदि कराए थे वह भी उससे अस्पताल के स्टाफ के द्वारा छीन लिए गए। मुस्कान की मौत के बाद से वह न्याय पाने के लिए भटक रहा है, लेकिन कहीं पर भी सुनवाई नहीं हो रही है। इस पूरे मामले को लेकर दिल्ली पुलिस आयुक्त एवं दिल्ली सरकार के मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से भी लिखित शिकायत की गई।

रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई

दिल्ली पुलिस के अधिकारी आनंद राय ने बताया कि एम्स के डॉक्टरों के पैनल इस मामले की जांच कर रहे हैं। दो तीन दिन में उनकी रिपोर्ट आने वाली है इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।