
virat kohli
गाजियाबाद. भारतीय क्रिकेट कप्तान विरोट कोहली अपनी मेहनत और लगन की बदौलत आज दुनिया के नंबर वन बल्लेबाज हैं। इस बात को लेकर जब विराट कोहली के कोच राजकुमार शर्मा से पुछा गया तो उन्होंने कहा कि virat kholi जैसे क्रिकेटर सदियों में पैदा होते हैं। उनकी प्रतिभा ईश्वरीय है। आपको बतादें कि गाजियाबाद में हाल ही में नेहरू स्टेडियम में चल रही करन चौहान क्रिकेट प्रतियोगिता में मंगलवार को भारतीय क्रिकेट कप्तान विराट कोहली के कोच राजकुमार शर्मा मैच देखने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने क्रिकेट और विराट कोहली दोनों पर खुलकर बात की।
राजकुमार शर्मा मंगलवार को गाजियाबाद के नेहरू स्टेडियम में चल रहे करन चौहान क्रिकेट टूर्नामेंट के मैच के दौरान पहुंचे थे। जहां उन्होंने चल रहे मैच में शतक बनाने वाले बल्लेबाज हर्ष त्यागी को सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने कोहली पर किए सवालों पर दिल खोलकर जवाब दिए। सुनील गावस्कर , कपिल देव , सचिन तेन्दुलकर और विराट जैसे खिलाड़ी कुछ ही होते हैं। उन्होंने कहा कि विराट कामयाबी की ऊंचाइयों पर पहुंचने के बाद उतने ही सरल हैं। विराट कोहली जैसी प्रतिभा के बारे में उन्होने कहा कि ऐसे खिलाड़ी बनाए नहीं जा सकते। इन्हें भगवान उपर से बनाकर भेजता है। उन्होंने यह भी कहा कि विराट कोहली इतने सफल इसलिए भी हैं कि क्योंकि वह बहुत सरल हैं और डाउन टू अर्थ हैं। अपने शिष्य कोहली द्वारा दी गई कार से गाजियाबाद पहुंचे कोच राजकुमार ने मंगलवार को खेले गए मुकाबले के मैन आफ द मैच रहे शतकवीर हर्ष त्यागी को पुरस्कृत किया। इस दौरान उन्होने स्थानीय स्तर पर दो या तीन दिन के टेस्ट मैच की सीरीज कराने पर भी बल दिया।
उन्होंने कहा कि यह हमारा दुर्भाग्य है कि हम टेस्ट क्रिकेट की तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं। नौबत यहां तक आ गई है कि हमारे बच्चे अब 40-50 ओवर मैचों में पूरे ओवर भी नहीं खेल पा रहे हैं। यह ठीक नहीं है। एनसीआर को छोड़ दिया जाए तो अन्य राज्यों में बच्चों को टेस्ट मैच खिलवाएं जाते हैं। पंजाब ने तो अंडर-19 कम के बच्चों को लोकल टूर्नामेंट में टी-20 मैच खेलने रोक लगा दी है। कुछ ऐसे सिस्टम के लिए उन्होंने डीडीसीए को लेटर भी लिखें हैं। राजकुमार ने कहा कि देशभर में अब क्रिकेट की समीक्षा का वक्त आ गया है। लगातार क्रिकेट प्रतियोगिताओं होने से अब लोगों का मोह भंग होने लगा है। अब मुकाबले में अन्य खेल आ गए हैं। क्रिकेट के लिए लोकल स्तर से काम करने की जरूरत है।
Updated on:
16 Nov 2017, 1:15 PM IST
Published on:
16 Nov 2017, 1:11 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.