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डॉ. अम्बेडकर का नाम बदलने के खिलाफ लामबंद हुआ दलित समाज, 14 अप्रैल को उठाएंगे यह बड़ा कदम

योगी सरकार के इस फैसले के बाद दलित समाज में रोष व्याप्त है।

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Dr. B R Ambedkar

शामली। जिले में डॉ भीमराव अंबेडकर का नाम बदलने को लेकर दलित समाज के लोगों में भारी रोष व्याप्त है। जिसको लेकर दलित समाज के लोगों ने पंचायत कर चेतावनी दी है कि ऐसा करने वाले लोगों को सबक सिखाएंगे और आने वाली 14 अप्रैल को अम्बेडकर के जन्म दिवस के दिन जिला मुख्यालय पर काली पट्टी बांध कर धरना प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराएंगें।

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दरअसल आपको बता दें कि मामला शामली जनपद का है। जहां पर थाना आदर्श मण्डी क्षेत्र के गांव मेहरमपुर में दलित समाज के लोगों ने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का नाम बदलकर डॉ भीमराव रामजी अम्बेडकर किए जाने को लेकर एक पंचायत का आयोजन किया। जिसमें दलित समाज के लोगों ने सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की और कहा कि ऐसा करने वालों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। साथ ही चेतावनी दी कि आने वाली 14 अप्रैल को बाबा साहब के जन्म दिवस के दिन दलित समाज के सभी लोग जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन कर अपना विरोध प्रकट करेंगे।

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दलित समाज के लोगो ने पंचायत में एक कमेटी का गठन भी किया गया जो कि जनपद के गांव-गांव में जाकर पंचायत करेंगे और अपने समाज के लोगों को इस बारे में जानकारी देकर उनसे आव्हान करेंगे कि वो आने वाली 14 तारीख में भारी से भारी संख्या में जिला मुख्यालय पहुंचे और अपना विरोध दर्ज करें।

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दलित युवक अजय कुमार ने बताया कि गांव में पंचायत इस लिए की गई कि जो वर्तमान बीजेपी सरकार ने बाबा सहाब का नाम बदलकर दलितों का वोट हथियाना के चक्कर में लगे हैं। इसका हम कड़ा विरोध करेंगे और बाबा सहाब के जन्म दिवस 14 अप्रैल को हाथों पर काली पट्टी बांधकर सभी जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन करेगें। दलित समाज के युवक गुरूचरण ने कहा कि बाबा सहाब का नाम बदलना संविधान के बिल्कुल खिलाफ है। बाबा सहाब के सविधान से ही देश चलता है। बाबा सहाब के सविधान मे राम का नाम जोड़ कर यह सिर्फ बीजेपी की वोट की राजनीति है।

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वह राम के नाम पर वोट मांगते हैं और यह उनका एजेन्डा होता है। दलित समाज राम के नाम पर वोट नहीं देगा। दलित समाज के अध्यापक सलेक चन्द ने कहा कि बाबा सहाब का जो नाम शुरू से साहित्य में चला आ रहा है, वही रहे। कोई सरकार उसमें कोई परिवर्तन ना करें। और अगर ऐसा होता है। तो हम इसके विरोध में अपनी आवाज उठायेगें। और जिला मुख्यालय पर अधिक से अधिक तादाद में पहुंच कर अपना विरोध करेगें। जो भी वर्तमान में सरकार है। वह यह सब करके हमारे लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर वोट बैंक बढ़ाने के लिए कर रही है।